भारतीय संस्कृति में प्रकृति मानी जाती है जीवन का आधार
भारतीय संस्कृति प्रकृति को देवत्व का स्वरूप मानती है। वेद, पुराण, उपनिषद और महाकाव्यों में वन, उपवन, पशु और बीज को पवित्र बताया गया है।
Read Moreभारतीय संस्कृति प्रकृति को देवत्व का स्वरूप मानती है। वेद, पुराण, उपनिषद और महाकाव्यों में वन, उपवन, पशु और बीज को पवित्र बताया गया है।
Read Moreदेवरी में वनमंडल बलौदाबाजार द्वारा आयोजित ‘जल-जंगल यात्रा’ के तहत विद्यार्थियों और ग्रामीणों को वन्यजीव, वनस्पतियों और जल संरक्षण की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में वृक्षारोपण और करियर मार्गदर्शन भी शामिल रहा।
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