नारद जयंती

futuredलोक-संस्कृति

आद्य पत्रकारिता के जनक और लोक संचार के प्रथम आचार्य देवर्षि नारद

देवर्षि नारद को भारतीय परंपरा में केवल एक ऋषि नहीं, बल्कि लोक संचार और संवाद के प्रथम आचार्य के रूप में भी देखा जाता है। देवर्षि नारद के जीवन, कार्य और संस्कृत ग्रंथों में वर्णित उनके संवादों के आधार पर यह शोधपरक आलेख इस प्रश्न का विश्लेषण करता है

Read More
futuredसाहित्य

बंगला भाषी प्रदेश में जन्मी हिन्दी पत्रकारिता : हिन्दी पत्रकारिता की यात्रा

नारद जयंती के दिन आया उदन्त मार्तण्ड यानी उगता हुआ सूरज वह नारद जयंती का दिन था। हम भारतीय लोग अपने पौराणिक आख्यानों के अनुसार देवर्षि नारद को दुनिया का पहला पत्रकार मानते हैं,

Read More
futuredधर्म-अध्यात्म

देवर्षि नारद जयंती: संवाद, संस्कृति और सनातन मूल्यों की प्रेरणा

ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया को देवर्षि नारद की जयंती के रूप में मनाया जाता है। संवाद, संस्कृति और सत्य के प्रचार में उनके योगदान को आधुनिक पत्रकारिता का आदर्श माना जाता है। वे केवल देवताओं के प्रवक्ता नहीं, बल्कि समाज सुधार, नीति मार्गदर्शन और धर्म की स्थापना के प्रेरक भी थे। उनका जीवन आज के संवाद माध्यमों के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत है।

Read More
futuredधर्म-अध्यात्म

संसार के पहले संवाददाता देवर्षि नारद

व्यक्ति, समाज, राष्ट्र निर्माण और साँस्कृतिक मूल्यों के लिये समर्पित संवाद कला संवाद सूत्र पत्रकारिता में हों अथवा समाज के

Read More