विश्वशांति में भारत की भूमिका-1
युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के विचारों के माध्यम से जानिए कि भविष्य के वैश्विक परिदृश्य में भारत किस प्रकार आध्यात्मिक चेतना, नैतिक नेतृत्व और विश्व कल्याण की महती भूमिका निभाने वाला है।
Read Moreयुगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के विचारों के माध्यम से जानिए कि भविष्य के वैश्विक परिदृश्य में भारत किस प्रकार आध्यात्मिक चेतना, नैतिक नेतृत्व और विश्व कल्याण की महती भूमिका निभाने वाला है।
Read Moreकेरल में सनातन पुनर्जागरण के प्रखर संत स्वामी सत्यानंद सरस्वती का जीवन, संघर्ष, संगठन निर्माण, सामाजिक जागरण और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान।
Read More90 वर्षीय तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने आज पुष्टि की कि उनके निधन के बाद भी उनकी संस्था का उत्तराधिकार जारी रहेगा। यह ऐतिहासिक घोषणा धर्मशाला में हुई एक धार्मिक बैठक के दौरान की गई, जिसमें उन्होंने कहा कि भविष्य में उनके उत्तराधिकारी की पहचान का अधिकार केवल गदेन फोद्रंग ट्रस्ट के पास होगा। इस निर्णय से वैश्विक तिब्बती समुदाय और बौद्ध अनुयायियों में उत्साह की लहर दौड़ गई है।
Read Moreआचार्य श्री राम शर्मा की विरासत उनके साहित्य और संस्थानों के माध्यम से जीवित है। उनकी 3,200 से अधिक पुस्तकें जीवन के हर पहलू को छूती हैं और समकालीन समस्याओं के व्यावहारिक समाधान प्रदान करती हैं।
Read More