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एक्सक्लूजिव स्टोरी पर फोकस करें जनसंपर्क अधिकारी, राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित होने पर मिलेगा सम्मान: रवि मित्तल

रायपुर, 12 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त रवि मित्तल ने कहा कि जनसंपर्क अधिकारी एक्सक्लूजिव स्टोरी तैयार करें और उनके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए मीडिया के सभी माध्यमों का प्रभावी उपयोग करें। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की स्टोरी राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर प्रकाशित होगी, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित किया जाएगा।

आयुक्त मित्तल नवा रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में “जनसंपर्क की नई चुनौतियां” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यशाला जनसंपर्क अधिकारियों की व्यावसायिक दक्षताओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।

आयुक्त मित्तल ने कहा कि वर्तमान दौर में सूचना एवं जनसंपर्क के माध्यम तेजी से बदल रहे हैं। नई-नई तकनीकों के आगमन से जनसंपर्क अधिकारियों के सामने चुनौतियों के साथ अवसर भी बढ़े हैं। इन तकनीकों का समुचित उपयोग कर अधिकारी अपने कार्य को अधिक प्रमाणिक, प्रभावी और समयबद्ध तरीके से पूरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब केवल प्रिंट मीडिया ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया का भी समान रूप से उपयोग करना आवश्यक है, ताकि शासन के निर्णय और योजनाएं आमजन तक त्वरित रूप से पहुंच सकें। इसके लिए अधिकारियों को नई तकनीकों से सतत अपडेट रहना होगा। उन्होंने पत्रकारिता स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों को जनसंपर्क विभाग में इंटर्नशिप के अवसर देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

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उद्घाटन सत्र में अपर संचालक जवाहरलाल दरियो, संजीव तिवारी, उमेश मिश्रा और आलोक देव ने जनसेवा में स्पष्ट, सरल और समयबद्ध संवाद की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क के क्षेत्र में प्रभावी संवाद सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रतिभागियों को कार्यशाला के दो दिवसीय सत्रों की रूपरेखा और अपेक्षित परिणामों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य समाचार लेखन, टेलीविजन सहभागिता और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के माध्यम से जनसंपर्क को अधिक सशक्त, आधुनिक और संवेदनशील बनाना है।

कार्यशाला के प्रथम दिवस की शुरुआत “पाठक-अनुकूल लेखन: सरकारी समाचार को आकर्षक बनाना” विषयक सत्र से हुई। इस सत्र में दैनिक भास्कर के संपादक शिव दुबे ने मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सरकारी आदेशों और सूचनाओं से जनता से जुड़ी मुख्य बातों की पहचान, सरल और सुबोध भाषा के प्रयोग, प्रभावी हेडलाइन और लीड पैराग्राफ लिखने के व्यावहारिक तरीके बताए। साथ ही प्रेस विज्ञप्ति की संरचना, उपयुक्त उद्धरणों के उपयोग और संकट की स्थिति में मीडिया से संतुलित एवं समयबद्ध संवाद के महत्व पर भी चर्चा की।

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द्वितीय सत्र में आकाशवाणी के समाचार संपादक विकल्प शुक्ला ने टेलीविजन मीडिया की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों को विजुअल स्टोरी के रूप में प्रस्तुत करने, टीवी कवरेज के लिए आवश्यक तत्वों, कैमरे पर संक्षिप्त बाइट लेने तथा फैक्ट शीट के महत्व की जानकारी दी।

तीसरे सत्र में सोशल मीडिया और एआई टूल्स के उपयोग पर चर्चा हुई। डिजिटल मीडिया और एआई विशेषज्ञ राकेश साहू ने एआई आधारित डिजिटल टूल्स के माध्यम से फोटो और वीडियो एडिटिंग के व्यावहारिक उपयोग पर मार्गदर्शन दिया।

दिन के अंतिम सत्र में जनसंपर्क संचालनालय, भोपाल के सेवानिवृत्त संचालक लाजपत आहूजा ने पीआर टूल बॉक्स, स्टेकहोल्डर प्रबंधन और आपातकालीन संचार (क्राइसिस कम्युनिकेशन) से जुड़े तुरंत उपयोग योग्य उपकरणों की जानकारी दी। कार्यशाला में राज्यभर से आए जनसंपर्क अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की।