डूंगरपुर नगर के स्थापत्य का विशिष्ठ अंग गोखड़े
दुर्ग, महल, हवेलियों तथा भवनों में गोखडे अथवा झरोखे का निर्माण मध्यकालीन भारतीय स्थापत्य का महत्वपूर्ण अंग रहा है तथा
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Read Moreआज बुद्ध पूर्णिमा है, बुद्ध पूर्णिमा इसलिए मानी गई कि भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति (बुद्धत्व या संबोधी) और
Read Moreमर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का चरित्र भारतीय संस्कृति का आधार है। रामनवमी पर प्रस्तुत इस लेख में उनके जीवन, आदर्श, और वर्तमान प्रासंगिकता का विस्तृत वर्णन किया गया है।
Read Moreभगवान नरसिंह की माता को छत्तीसगढ़ में लोकदेवियों में स्थान मिला है। एक जनजति इसे अपनी कुल देवी के रुप में पूजती है। इस देवी का नाम खम्भेश्वरी देबी है। भगवान नृसिंह का प्रकट याने जन्म खम्भे से हुआ इसलिए खम्भे जो माता एवं उसका गर्भ माना गया, इसलिए खम्भा याने स्तंभ खम्भेश्वरी के रुप में आज भी पूजित है।
Read Moreप्राचीन लक्ष्मण मंदिर एवं आसपास के आकर्षणों को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की सूची में नामांकित कराने के लिए किये गया प्रयासों के तहत, एक डोजियर की तैयारी के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करने के प्राथमिक उद्देश्य के साथ, सिरपुर साडा के विनयपूर्ण निमंत्रण पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सम्मानित संयुक्त महानिदेशक (अन्वेषण एवं उत्खनन) डॉ. प्रवीण कुमार मिश्रा द्वारा सिरपुर का दौरा किया गया।
Read Moreजब क्राँतिकारियों के शस्त्र गरजने लगे तो अहिसंक आँदोलन कारियों ने थोड़ी दूरी बनाई। तभी अंग्रेजों ने 1905 में बंगाल विभाजन का निर्णय लिया। तब दोनों धाराएँ समीप आईं। इसके अग्रणी नेताओं में विपिन चंद्र पाल हैं।
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