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अलख निरंजन शब्द की उत्पत्ति एवं सामाजिक आध्यात्मिक प्रभाव

अलख, अ+लख, जो दिखाई न दे, जो दृष्टिगोचर न हो। माने निराकार और निराकार ईश्वर को ही कहा गया है। निरंजन शब्द की उत्पत्ति अंजन शब्द में निर् प्रत्यय लगाने के बाद होती है। निर का अर्थ है बिना या रहित तथा अंजन का अर्थ है काजल या अंधकार। निरंजन का शाब्दिक अर्थ होता है “जो अंजन (काजल या अंधकार) से रहित हो। किन्तु इसका तत्वार्थ बहुत गहरा है।

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futuredछत्तीसगढ

धरती माँ का श्रृंगार और हरियाली का जतन: एक पेड़ माँ के नाम

भारतीय संस्कृति में माँ सदैव पूजनीय रही हैं। माँ की महिमा को अलग-अलग धर्मों में विभिन्न तरीकों से वर्णित किया गया है। हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने करोड़ों देशवासियों से आह्वान किया है कि आइए माँ के नाम एक पेड़ लगाइए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को सुधारना और धरती माँ को हरियाली से सजाना है।

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futuredइतिहास

पेन्ड्रा के धनपुर में टिकरे की खुदाई में मिली भगवान राम की प्रतिमा

धनपुर में सोमवार को जेसीबी से खेत की खुदाई के दौरान भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की प्राचीन मूर्ति, पिलर और अन्य अवशेष मिले। किसान मंगल सिंह गोंड़ ने मूर्ति को सुरक्षित रख दिया है। इस स्थान से पहले भी पुरातात्विक महत्व की अन्य सामग्रियाँ भी प्राप्त होते रही हैं। इससे ज्ञात होता है कि यहां कोई पुराना नगर रहा होगा।

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वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. पनगढ़िया नारायणपाल मंदिर की वस्तुकला देखकर प्रभावित हुए

वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया मंदिर की वस्तुकला देखकर काफी प्रभावित हुए। उन्होंने मंदिर के इतिहास के बारे में जानकारी ली, जिस पर स्थानीय गाइड श्री धनुर्जय बघेल ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह मंदिर चक्रकोट के छिंदक नागवंशी शासकों द्वारा 11वीं शताब्दी में बनाया गया है।

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futuredखबर राज्यों से

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: प्रतिवर्ष 25 जून को मनाया जाएगा ‘संविधान हत्या दिवस’

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाया जाएगा। यह

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