स्वामी सत्यानंद सरस्वती केरल में सनातन पुनर्जागरण के अग्रदूत
केरल में सनातन पुनर्जागरण के प्रखर संत स्वामी सत्यानंद सरस्वती का जीवन, संघर्ष, संगठन निर्माण, सामाजिक जागरण और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में योगदान।
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Read Moreवीर दुर्गादास राठौड़ की पुण्यतिथि पर विशेष आलेख – मुगल सम्राट औरंगजेब के खिलाफ 30 वर्षों तक छापामार युद्ध लड़कर मारवाड़ की राठौड़ वंशीय सत्ता बचाने वाले महान राजपूत योद्धा की प्रेरक जीवन गाथा, त्याग, वीरता और स्वामिभक्ति की अनुपम मिसाल।
Read Moreभारत के स्वाभिमान, स्वाधीनता और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाली महारानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवम्बर 1828 को बनारस में मणिकर्णिका के रूप में हुआ। वीरता, साहस और राष्ट्रभक्ति की प्रतीक रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों से झाँसी, कालपी और ग्वालियर में अदम्य साहस से युद्ध लड़ा और 18 जून 1858 को रणभूमि में वीरगति प्राप्त की। उनका जीवन त्याग, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति का प्रेरणादायक इतिहास है।
Read Moreधरती आबा बिरसा मुंडा की जयंती पर जानिए कैसे उन्होंने ब्रिटिश शासन और ईसाई मिशनरियों के धर्मांतरण के खिलाफ सांस्कृतिक क्रांति की शुरुआत की, जिसने आदिवासी अस्मिता को नई दिशा दी।
Read Moreमहामना पंडित मदनमोहन मालवीय का जीवन राष्ट्र, संस्कृति और शिक्षा के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा। काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन तक उनका योगदान भारतीय आत्मा का स्वरूप है।
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Read Moreआर्य समाज के प्रखर प्रचारक, राष्ट्रवादी विचारक और गदर आंदोलन के क्रांतिकारी भाई परमानंद ने राष्ट्र, संस्कृति और स्वतंत्रता के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया।
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