राम की विजय से प्रेरित एक अमर यात्रा : तमसो मा ज्योतिर्गमय
दीपावली केवल उत्सव नहीं, बल्कि रामचरितमानस के उत्तरकांड में वर्णित अयोध्या आगमन की वह आत्मिक यात्रा है, जहाँ धर्म, करुणा और सत्य का आलोक समूचे मानव जीवन को प्रकाशित करता है।
Read Moreदीपावली केवल उत्सव नहीं, बल्कि रामचरितमानस के उत्तरकांड में वर्णित अयोध्या आगमन की वह आत्मिक यात्रा है, जहाँ धर्म, करुणा और सत्य का आलोक समूचे मानव जीवन को प्रकाशित करता है।
Read Moreदीपावली केवल प्रकाश का नहीं, आत्मा के जागरण और आत्मज्ञान का पर्व है। यह सनातन परंपरा में आत्मदीपो भवः — अपना दीप स्वयं बनने का संदेश देता है। जानिए दीपोत्सव के आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयाम।
Read Moreभारतीय संस्कृति में छोटी दीपावली या नरक चतुर्दशी केवल पौराणिक कथा नहीं, बल्कि आंतरिक प्रकाश और आत्मशुद्धि का संदेश है। जानिए कैसे श्रीकृष्ण और सत्यभामा द्वारा नरकासुर वध की कथा मानव जीवन में अंधकार से प्रकाश की यात्रा का प्रतीक बनती है।
Read Moreदीपावली, जिसे ‘दीवाली’ भी कहा जाता है, भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा और पवित्र त्योहार है। यह अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान, और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है।
Read Moreधनतेरस का पर्व केवल सोना-चांदी की खरीदारी का नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, संतुलन और आयुर्वेद की परंपरा का उत्सव है। भगवान धन्वंतरि की आराधना के माध्यम से यह दिन हमें सिखाता है कि सच्चा धन शरीर और मन की समृद्धि में है।
Read Moreरमा एकादशी व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। यह विष्णु और लक्ष्मी की संयुक्त उपासना का पर्व है, जो श्रद्धा, संयम और आत्मशुद्धि का संदेश देता है। इस दिन व्रत, कथा, दान और भक्ति से पापों का नाश होता है तथा मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
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