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उत्तर बस्तर और अबूझमाड़ हुए नक्सलमुक्त — बस्तर में शांति और विकास का नया युग : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर का नक्सलमुक्त होना विश्वास, विकास और शांति की नई पहचान है। राज्य सरकार ने 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूर्णतः नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है।

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छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में पावर प्लांट में लिफ्ट हादसा, 4 मजदूरों की मौत, 6 घायल

छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में एक पावर प्लांट में मंगलवार रात हुए दर्दनाक हादसे में लिफ्ट गिरने से चार मजदूरों की मौत हो गई, जबकि छह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के वक्त मजदूर काम खत्म कर लौट रहे थे। लिफ्ट की हाल ही में मेंटेनेंस हुई थी, बावजूद इसके यह हादसा हुआ। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मां दंतेश्वरी के दर्शन किए

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने देश और प्रदेश की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा। कार्यक्रम में कई मंत्री, सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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छत्तीसगढ़ को कर हस्तांतरण में 3,462 करोड़, मुख्यमंत्री ने जताया आभार

छत्तीसगढ़ को कर हस्तांतरण के तहत 3,462 करोड़ रुपये मिले हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताते हुए कहा कि यह राशि विकास और कल्याणकारी योजनाओं को गति देगी।

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बिहार चुनाव से पहले BJP की बड़ी चुनौती: सीटों की चाह, पर पुराने चेहरों से नाराज़ जनता!

बिहार चुनाव से पहले भाजपा को पुराने विधायकों के खिलाफ जनता के असंतोष और सीट बढ़ाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी नए और स्वच्छ छवि वाले उम्मीदवारों पर दांव लगाने की तैयारी में है, लेकिन यह संतुलन बनाना आसान नहीं है। वहीं एनडीए सरकार की हालिया योजनाएं पार्टी की सबसे बड़ी उम्मीद बनी हुई हैं।

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RSS प्रमुख मोहन भागवत का विजयादशमी संबोधन: “भारत के पुनर्जागरण” का खाका, आतंकवाद से लेकर आर्थिक असमानता तक पर चिंता

मोहन भागवत का यह संबोधन न केवल संघ के भविष्य की दिशा तय करता है, बल्कि वर्तमान राष्ट्रीय और वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका पर भी गंभीर विमर्श प्रस्तुत करता है। उनका फोकस केवल चुनौतियों को चिन्हित करने तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने समाधान की ओर भी स्पष्ट इशारा किया — “आत्मनिरीक्षण, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता।”

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