Author: News Editor

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भारतीय राजनीति के युगपुरुष : अटल बिहारी वाजपेयी

अटल बिहारी वाजपेयी की राजनीतिक यात्रा 1940 के दशक में शुरू हुई जब वे भारतीय जनसंघ के साथ जुड़े। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में उन्होंने सक्रिय भाग लिया, जिससे उनके राजनीतिक जीवन की नींव पड़ी। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान, अटल जी ने अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाई और अपने देश के लिए समर्पण का परिचय दिया। उनके नेतृत्व के गुण और भाषण देने की क्षमता ने उन्हें जल्द ही एक महत्वपूर्ण राजनीतिक व्यक्तित्व बना दिया।

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गैंदसिंह थे छत्तीसगढ़ के प्रथम बलिदानी : स्वतंत्रता संग्राम

उत्तर बस्तर (कांकेर ) जिले में चारामा के शासकीय महाविद्यालय का नामकरण शहीद गैंदसिंह के सम्मान में किया गया है,वहीं नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ सरकार का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और महासमुंद जिले का कोडार सिंचाई जलाशय भी शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर है।

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futuredविश्व वार्ता

स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ का योगदान : स्वतंत्रता दिवस विशेष

छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता आंदोलन का प्रारंभ 1800 के दशक के शुरुआती वर्षों में हुआ, जो राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम से काफी पहले की बात है। रतनपुर राज्य के 36 गढ़ों में से एक महत्वपूर्ण गढ़ धमधा में, जमींदार भवानी सिंह ने ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ विद्रोह किया। यह विद्रोह 1800 में हुआ, जब अंग्रेजों का प्रभुत्व धीरे-धीरे फैल रहा था। भवानी सिंह को उनके साहसिक विद्रोह के लिए फांसी दी गई, जिससे छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत हुई।

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कहानी स्वतंत्रता से पूर्व 15 दिनों की

4 अगस्त आते – आते भगत सिंह के पैतृक गांव, पंजाब स्थित जरनवाला पर मुस्लिम नेशनल गार्ड के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया, जो कि वास्तव में एक हिंदू – सिख बहुल शहर था। इसी समय भारत और पाकिस्तान के मासूम और निर्दोष लोग अपनी जान बचाकर,  सीमा पार कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे थे। अनेकों लोगों को अपना घर और परिवार गंवाकर शरणार्थी शिविर में रहना पड़ रहा था।

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