Author: News Editor

futuredलोक-संस्कृति

भगवान राम और माता सीता के दिव्य विवाह का पर्व : विवाह पंचमी

विवाह पंचमी का मुख्य उद्देश्य भगवान राम और माता सीता के आदर्श दांपत्य जीवन को प्रस्तुत करना है। यह समाज को यह संदेश देता है कि वैवाहिक जीवन का आधार प्रेम, विश्वास, और आपसी सहयोग होना चाहिए। यह पर्व परिवार और समाज में सामंजस्य बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित करता है।

Read More
futuredछत्तीसगढताजा खबरें

छत्तीसगढ़ में 15 हजार नए घर बनेंगे, प्रधानमंत्री आवास योजना से मिली मंजूरी

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत 15 हजार नए मकानों का निर्माण होगा। केंद्रीय मंत्रालय ने राज्य के अच्छे प्रदर्शन के आधार पर मार्च 2025 तक इन मकानों के निर्माण की मंजूरी दी है, जिससे प्रदेश के नागरिकों के लिए अपने घर का सपना पूरा होगा।

Read More
futuredहमारे नायक

स्वतंत्रता संग्राम के दार्शनिक योद्धा : महर्षि अरविंद

महर्षि अरविंद का वास्तविक नाम अरविंद घोष था उनका जन्म 15 अगस्त 1872 को कलकत्ता के एक सम्पन्न परिवार में हुआ था। पिता डॉक्टर कृष्ण धन घोष एक प्रतिष्ठित चिकित्सक और प्रभावशाली व्यक्ति थे

Read More
futuredखबर राज्यों सेताजा खबरें

देवेन्द्र फडणवीस 5 दिसंबर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे, आज़ाद मैदान में होगा समारोह

देवेन्द्र फडणवीस को 5 दिसंबर को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई जाएगी, जो मुंबई के आज़ाद मैदान में आयोजित होगा। उन्हें बीजेपी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद यह निर्णय लिया गया। बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक में फडणवीस का नाम फाइनल किया गया था।

Read More
futuredहमारे नायक

भोपाल विलीनीकरण के नायक ठाकुर लाल सिंह

सके पीछे कुछ ऐसी विभूतियाँ के जीवन का समर्पण हैं, जो अपने लिये नहीं अपितु संपूर्ण समाज के लिये जिये, उनके जीवन का प्रत्येक पल राष्ट्र,संस्कृति और परंपराओं की पुनर्स्थापना के समर्पण में रहा। ऐसे ही जीवनदानी थे ठाकुर लालसिंह।

Read More
futuredसमाज

सत्य के साहसी साधक और धर्मनिरपेक्षता के विवेचक : सीताराम गोयल

1946 में मुस्लिम लीग के डायरेक्ट एक्शन में नर संहार देखकर उनका मन उद्वेलित हो गया। वह नरसंहार एकतरफा था। उनका मानना था कि साम्यवाद को इस नरसंहार का विरोध करना चाहिए, पर ईसाई और साम्यवादी तंत्र ने उस हिंसा के विरुद्ध कोई आवाज नहीं उठाई। यह हिंसा भारत विभाजन तक जारी रही। यहाँ से उनका मन बदला।

Read More