Author: News Editor

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नेताजी सुभाषचंद्र बोस एवं वामपंथी विचारधारा : जयंती विशेष

कार्ल मार्क्स से लेकर आज के समय तक के बड़े साम्यवादी विचारक जुर्गेन हैबर मास समझते थे कि औद्योगिक समाज में धर्म समाप्त हो जाएगाl सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी जैसे मिट्टी से जुड़े नेता जानते थे कि धर्म कभी समाप्त नहीं हो सकता और इस कारण नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वामपंथी विचारधारा से मित्रता संभव नहीं हो सकीl

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futuredताजा खबरें

कुल्हाड़ीघाट क्षेत्र में 72 घंटे से मुड़भेड़ जारी दो नक्सली और मारे गये।

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है। कुल्हाड़ीघाट क्षेत्र के भालू डिग्गी जंगल में यह मुठभेड़ पिछले 72 घंटों से चल रही है, जिसमें अब तक 27 नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है। सुरक्षाबलों ने 14 नक्सलियों के शव बरामद किए हैं, जिनमें 1 करोड़ रुपये के इनामी जयराम उर्फ चलपति समेत कई शीर्ष कमांडर शामिल है।

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futuredधर्म-अध्यात्म

श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा है हिंदू जागरण का शंखनाद

श्री राम मंदिर निर्माण का संघर्ष और उसकी सफलता हिंदू समाज के लिए एक युगांतकारी घटना है। इसने समाज को जागरूक, संगठित और प्रेरित किया है। वैश्विक पटल पर राम मंदिर ने भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को सुदृढ़ किया है। यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि भारतीयता और एकता का प्रतीक भी है।

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futuredछत्तीसगढताजा खबरें

Breaking News: छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर सुरक्षा बलों का बड़ा ऑपरेशन, 20 नक्सली ढेर

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में 20 नक्सलियों की मौत हो गई, जिसमें एक वरिष्ठ नक्सली भी शामिल है।

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futuredताजा खबरेंपॉजिटिव स्टोरी

भारत में धार्मिक पर्यटन से स्थापित हो रहे हैं रोजगार और व्यापार के नए आयाम

जम्मू में माता वैष्णोदेवी मंदिर, वाराणसी में भगवान भोलेनाथ मंदिर, अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर, उज्जैन में बाबा महाकाल मंदिर, दक्षिण में तिरुपति बालाजी मंदिर आदि ऐसे श्रद्धास्थल है जहां पूरे वर्ष भर ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।

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futuredधर्म-अध्यात्मलोक-संस्कृति

आस्था, संस्कृति और आर्थिक विकास का संगम महाकुंभ 2025

हिंदू सनातन संस्कृति के अनुसार कुंभ मेला एक धार्मिक महाआयोजन है जो 12 वर्षों के दौरान चार बार मनाया जाता है। कुंभ मेले का भौगोलिक स्थान भारत में चार स्थानों पर फैला हुआ है और मेला स्थल चार पवित्र नदियों पर स्थित चार तीर्थस्थलों में से एक के बीच घूमता रहता है

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