प्रकृति और लोक जीवन का संगम : लोक पर्व भोजली
भोजली त्योहार 2025: छत्तीसगढ़ का पारंपरिक लोकपर्व, प्रकृति देवी की आराधना, धान की फसल, और मैत्री का प्रतीक, जिसमें बालिकाएं भोजली गीत गाती हैं।
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Read Moreस्वतंत्रता संग्राम सेनानी और ‘झंडा ऊँचा रहे हमारा’ के रचनाकार श्यामलाल गुप्त का जीवन परिचय, उनके संघर्ष, बलिदान और राष्ट्र सेवा के उल्लेखनीय योगदान पर विशेष आलेख।
Read Moreबिलासपुर में रक्षाबंधन पर 25वें वृक्ष रक्षाबंधन महोत्सव का आयोजन विवेकानंद उद्यान में हुआ, जिसमें वृक्षों को राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया।
Read Moreरक्षाबंधन के अवसर पर रायपुर में पत्रकार बहनों और गृह ग्राम बगिया में हितग्राही बहनों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधकर उनके दीर्घायु की कामना की।
Read Moreजशपुर में रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर एक्सप्रेस का शुभारंभ किया और 12 महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए, महिलाओं की आत्मनिर्भरता और विकास योजनाओं पर जोर।
Read Moreछत्तीसगढ़ में गौधाम योजना की शुरुआत, जिसके तहत पशुधन संरक्षण, चारा विकास, गौ-उत्पाद निर्माण और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। पहले चरण में राष्ट्रीय राजमार्गों के पास 200 पशु क्षमता वाले गौधाम स्थापित होंगे।
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