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मनरेगा से पनारी नाले को मिला नया जीवन, 1200 ग्रामीणों को पेयजल और सिंचाई का लाभ

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में मनरेगा के तहत किए गए एक विकास कार्य ने ग्रामीणों की जिंदगी आसान बना दी है। जनपद पंचायत भैयाथान के ग्राम पंचायत पहाड़ अमोरनी (सारासोर) में पनारी नाले का जीर्णोद्धार किया गया है, जिससे अब 1200 से अधिक ग्रामीणों को पेयजल और सिंचाई की सुविधा मिल रही है।

यह कार्य मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के ग्रामीण विकास और जल संरक्षण के विजन के तहत किया गया। प्रशासन के अनुसार कलेक्टर एस. जयवर्धन और जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र पाटले के मार्गदर्शन में योजना को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

गाद सफाई और मरम्मत से बढ़ा जलस्तर

कार्य के दौरान नाले की गाद निकाली गई और पुराने स्टॉप डेम की मरम्मत की गई। इससे जल संरक्षण को मजबूती मिली और नाले में दोबारा पानी भरना शुरू हुआ। वर्तमान में यहां करीब 2 मीटर जलस्तर दर्ज किया जा रहा है।

पेयजल संकट से राहत

नाले में पानी बढ़ने से गांव के हैंडपंप और अन्य जलस्रोत भी बेहतर तरीके से काम कर रहे हैं। ग्रामीणों को अब पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ रहा है। इसके अलावा करीब 200 पशुओं की पानी की जरूरत भी इसी स्रोत से पूरी हो रही है।

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किसानों को सीधा फायदा

नाले के पुनर्जीवित होने से क्षेत्र के किसानों को भी बड़ा लाभ मिला है। लगभग 20 हेक्टेयर भूमि पर 26 किसान अब रबी, खरीफ फसलों के साथ मौसमी सब्जियों की खेती कर रहे हैं। गांव के किसान अपनी उपज बाजार में बेचकर बेहतर आमदनी हासिल कर रहे हैं।

रोजगार भी मिला

इस कार्य के तहत 156 मानव दिवस का रोजगार सृजित किया गया, जिससे स्थानीय मजदूरों को काम मिला।

ग्रामीणों के अनुसार पनारी नाले का पुनर्निर्माण गांव के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है। यह योजना रोजगार, जल संरक्षण और कृषि विकास का सफल उदाहरण बनकर सामने आई है।