futuredछत्तीसगढताजा खबरें

बिलासा देवी चकरभाठा एयरपोर्ट विस्तार को मिली रफ्तार, सेना ने सौंपी 290 एकड़ जमीन

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित बिलासा देवी चकरभाठा एयरपोर्ट के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। हवाई सेवा शुरू होने के करीब पांच साल बाद सेना ने अपनी 290.8 एकड़ जमीन औपचारिक रूप से जिला प्रशासन को सौंप दी है। इस हस्तांतरण के साथ ही एयरपोर्ट के पास अब कुल 646.8 एकड़ भूमि उपलब्ध हो गई है, जो इसे 4-सी श्रेणी में उन्नत करने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।

जिला मुख्यालय में आयोजित प्रक्रिया के दौरान सेना और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में स्वामित्व हस्तांतरण की औपचारिकताएं पूरी की गईं। इस मौके पर कलेक्टर संजय अग्रवाल समेत एयरपोर्ट और प्रशासन से जुड़े अधिकारी भी उपस्थित रहे।

विस्तार का रास्ता साफ

अतिरिक्त जमीन मिलने से अब रनवे विस्तार में आ रही तकनीकी अड़चनें दूर हो गई हैं। वर्तमान में एयरपोर्ट का रनवे करीब 1498 मीटर लंबा है, जो केवल 72-सीटर एटीआर विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त है। प्रस्ताव है कि इसे बढ़ाकर लगभग 2800 मीटर किया जाए, जिससे बड़े विमानों की आवाजाही संभव हो सकेगी।

यह भी पढ़ें  शिलालेखों और मंदिरों के माध्यम से बारसूर के इतिहास की पुनर्स्मृति : पुस्तक चर्चा

4-सी श्रेणी में अपग्रेड होने के बाद महानगरों से सीधी हवाई सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

ऐसे पूरी हुई जमीन वापसी की प्रक्रिया

सेना की छावनी स्थापित करने का प्रस्ताव निरस्त होने के बाद राज्य सरकार ने जमीन वापसी के प्रयास तेज किए। चुनावी प्रक्रिया के चलते सीमांकन कार्य कुछ समय तक लंबित रहा, जिसे हाल ही में रक्षा विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने पूरा किया।

बताया जाता है कि राज्य सरकार द्वारा पहले भेजी गई 90 करोड़ रुपये की राशि केंद्र ने लौटा दी थी। इसके बाद वर्तमान बाजार दर के आधार पर करीब 70 करोड़ रुपये की नई मांग तय की गई। इस पूरे मामले के समाधान में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति ने अहम भूमिका निभाई।

अब होंगे बड़े विकास कार्य

जमीन की उपलब्धता के बाद एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण की योजनाओं को गति मिलेगी। रनवे विस्तार के लिए लगभग 80 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। साथ ही, अस्थायी एटीसी केंद्र की जगह 22 मीटर ऊंचा स्थायी एटीसी टॉवर बनाने की योजना है।

यह भी पढ़ें  छत्तीसगढ़ राज्य आंदोलन के ‘भीष्म पितामह’ जागेश्वर प्रसाद (जग्गू दादा) का सफल ऑपरेशन, स्वास्थ्य में तेजी से सुधार

198 करोड़ का मास्टर प्लान तैयार

एयरपोर्ट के समग्र विकास के लिए करीब 198 करोड़ रुपये की कार्ययोजना पहले ही तैयार की जा चुकी है। इसमें रनवे स्ट्रिप चौड़ीकरण, आधुनिक लाइटिंग सिस्टम, बाउंड्री वॉल, एटीसी टॉवर और आईएलएस जैसे अत्याधुनिक उपकरण शामिल हैं।

प्रशासन का कहना है कि जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों को बेहतर हवाई सुविधाएं मिल सकें।