चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को राहत नहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव से जुड़े चेक बाउंस मामले में गुरुवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला M/s Murli Projects Private Limited द्वारा दायर किया गया है।
मामले की सुनवाई कर रहीं न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा ने सुनवाई के दौरान यादव के रुख में बार-बार बदलाव को लेकर नाराजगी जताई। अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि न्यायाधीश के नरम व्यवहार को कमजोरी समझने की भूल नहीं करनी चाहिए।
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी पाया कि एक ओर राजपाल यादव भुगतान करने की बात कह रहे हैं, वहीं उनके वकील यह तर्क दे रहे हैं कि सजा पूरी हो जाने के बाद उन्हें राशि चुकाने की बाध्यता नहीं होनी चाहिए। इस पर अदालत ने स्पष्ट कहा कि यदि भुगतान करने की इच्छा है तो मामले को लंबा खींचने का कोई औचित्य नहीं है।
यादव ने विवाद निपटाने के लिए 6 करोड़ रुपये जुटाने हेतु 30 दिन का समय मांगा, लेकिन कोर्ट ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “अब और समय नहीं दिया जाएगा,” और मामले को निर्णय के लिए सुरक्षित रख लिया।
क्या है मामला
यह विवाद मई 2024 के एक सेशन कोर्ट के फैसले से जुड़ा है, जिसमें राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराते हुए 6 महीने की सजा सुनाई गई थी। बाद में हाईकोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगाई थी, जब उनके वकील ने विवाद सुलझाने का भरोसा दिया था।
हालांकि, अदालत के अनुसार यादव ने कई बार आश्वासन देने के बावजूद भुगतान नहीं किया। उन्होंने पहले 2.5 करोड़ रुपये किस्तों में देने की बात कही थी, लेकिन उसे भी पूरा नहीं किया।
फरवरी 2026 में अदालत ने आदेश का पालन न करने पर उन्हें आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए थे। 5 फरवरी को उन्होंने सरेंडर किया और 1.5 करोड़ रुपये जमा करने के बाद उन्हें अंतरिम राहत मिली।
बकाया राशि पर विवाद
शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता अवनीत सिंह सिक्का ने दलील दी कि सजा पूरी करने के बाद भी आर्थिक देनदारी खत्म नहीं होती। उन्होंने बताया कि करीब 7.75 करोड़ रुपये अब भी बकाया हैं, जबकि ट्रायल कोर्ट में पहले लगभग 2 करोड़ रुपये जमा किए जा चुके हैं।
अदालत ने एकमुश्त समझौते की संभावना भी टटोली और 6 करोड़ रुपये का सुझाव दिया, जिसे शिकायतकर्ता पक्ष ने स्वीकार करने की सहमति जताई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए राजपाल यादव ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वे भुगतान करने के लिए तैयार हैं और अपनी गलती भी स्वीकार की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, 17 करोड़ रुपये पहले ही चुका चुके हैं और पांच फ्लैट बेच चुके हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जरूरत पड़ने पर वे दोबारा जेल जाने को तैयार हैं।

