आदि परब समापन: जनजातीय समाज के विकास व नक्सलमुक्त बस्तर के लिए सरकार संकल्पित – मुख्यमंत्री साय
रायपुर, 14 मार्च 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार जनजातीय समाज के भविष्य को संवारने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से बस्तर क्षेत्र में अब खुशहाली और शांति बहाल हो रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश जल्द ही नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे जनजातीय समाज में अमन-चैन और समृद्धि का नया दौर आएगा।
मुख्यमंत्री नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRTI) परिसर में आयोजित दो दिवसीय ‘आदि परब’ के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इस वर्ष आयोजन की थीम ‘परंपरा से पहचान तक’ रखी गई थी। इसमें छत्तीसगढ़ सहित तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के आदिवासी लोक कलाकारों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 43 जनजातियों के लोगों का एक मंच पर आना सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने सफल आयोजन के लिए विभागीय टीम को बधाई दी और ‘आदि परब’ की चित्रकला व परिधान को मिले ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ सम्मान पर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने जनजातीय युवाओं के लिए टीआरटीआई परिसर में 5 करोड़ रुपये की लागत से बने 100 सीटर छात्रावास का लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे जनजातीय बहुल प्रदेश में ऐसे आयोजन का विशेष महत्व है। यहां पारंपरिक चित्रकला, शिल्प, हाट-बाजार और व्यंजनों का अद्भुत संगम देखने को मिला। उन्होंने कहा कि हमारी लोक परंपराएं ही हमारी असली पहचान हैं।
उन्होंने बताया कि परिसर के संग्रहालयों में से एक शहीद वीर नारायण सिंह की जीवनगाथा को समर्पित है। 1 नवंबर 2025 को राज्य स्थापना की रजत जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले डिजिटल ‘शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय’ का लोकार्पण किया था। दूसरे संग्रहालय में जनजातीय जीवन के संस्कारों, परिधानों और परंपराओं का जीवंत चित्रण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति पद पर द्रौपदी मुर्मु का चयन जनजातीय समाज के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत राज्य की 6,691 बसाहटों का कायाकल्प किया जा रहा है। पीएम जनमन योजना के माध्यम से 2300 से अधिक पीवीटीजी बसाहटों के 56 हजार से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना (आपका अच्छा गांव) के जरिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सरकार ने जनजातीय समाज के गौरव के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में 3357 आश्रम-छात्रावास, 17 प्रयास विद्यालय और 75 एकलव्य विद्यालय संचालित हैं। एफआरए के तहत 4,25,425 हितग्राहियों को 3.49 लाख हेक्टेयर भूमि का पट्टा प्रदान किया गया है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नक्सलवाद समाप्ति की दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है और ‘आदि परब’ जनजातीय संस्कृति को वैश्विक मंच देने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यूपीएससी में सफल अंकित साकिनी और डायमंड ध्रुव को सम्मानित किया। साथ ही प्रयास आवासीय विद्यालय के उन विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया जिनका चयन IIT और NIT में हुआ है तथा उन्हें लैपटॉप हेतु चेक प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में विधायक प्रबोध मिंज, इन्द्रकुमार साहू, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, जनजातीय आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, औषधि एवं पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, आयुक्त सारंश मित्तर, टीआरटीआई की संचालक हिना नेताम सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे।
