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नवा रायपुर में दिखेगी जनजातीय वैभव की झलक : आदि परब 2026

रायपुर, 11 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की परिकल्पना और निर्देश पर 13 और 14 मार्च 2026 को नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (टीआरटीआई) परिसर में ‘परम्परा से पहचान तक’ — आदि परब 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को राष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से इस आयोजन की तैयारी की गई है।

भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से आदिम जाति विकास विभाग अंतर्गत आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसकी जानकारी टीआरटीआई में आयोजित पत्रकारवार्ता में आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और संस्थान की संचालक हिना अनिमेष नेताम ने दी।

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में दो दिवसीय आयोजन को सफल बनाने के लिए विभाग लगातार कार्य कर रहा है। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की 43 जनजातियों के साथ मध्यप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के जनजातीय समुदाय भी शामिल होंगे। आयोजन का उद्देश्य जनजातीय पहचान, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और पारंपरिक ज्ञान के संवर्धन को बढ़ावा देना है।

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कार्यक्रम के तहत “आदि-परिधान जनजातीय अटायर शो” का आयोजन 13 मार्च को सुबह 10:30 बजे से शाम 8 बजे तक और 14 मार्च को शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक होगा। इसमें राज्य की 43 जनजातियों की पारंपरिक वेशभूषा पहली बार एक मंच पर प्रदर्शित की जाएगी। प्राकृतिक रंगों और स्थानीय संसाधनों से बने ये परिधान जनजातीय जीवनशैली और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश देंगे। इसमें भाग लेने के लिए 120 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है।

इसके अलावा “आदि रंग — जनजातीय चित्रकला महोत्सव” में कलाकार जल, जंगल और जमीन के संरक्षण, जनजातीय जीवनदर्शन और पर्यावरणीय चुनौतियों को अपनी कला के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे। इस प्रतियोगिता में 155 प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है। चित्रकला प्रतियोगिता 18–30 वर्ष और 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में आयोजित होगी। दोनों वर्गों में प्रथम पुरस्कार 20 हजार, द्वितीय 15 हजार और तृतीय 10 हजार रुपये दिए जाएंगे, जबकि 10–10 प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

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आयोजन के दौरान “आदि-हाट जनजातीय शिल्प मेला” भी लगेगा, जिसमें जनजातीय हस्तशिल्प, वनोपज और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा। यहां 14 समूहों द्वारा हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे।

कार्यक्रम में संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा 2025 में छत्तीसगढ़ से चयनित अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थी डायमंड सिंह ध्रुव और अंकित साकनी का सम्मान किया जाएगा। साथ ही ‘प्रयास’ संस्थान के विद्यार्थियों को विभागीय योजनाओं के तहत लैपटॉप वितरित किए जाएंगे।