बजट सत्र से पेंशनरों को बड़ी उम्मीद, महंगाई राहत और 81 माह के एरियर भुगतान की मांग
रायपुर, 21 फरवरी 2026। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने 23 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र को राज्य के लाखों पेंशनरों के लिए आशा और न्याय का अवसर बताया है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने उम्मीद जताई कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पेंशनरों के हित में ठोस घोषणाएं की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सम्मान और न्याय का बजट होना चाहिए। सरकार को आवश्यक वित्तीय प्रावधान सुनिश्चित कर पेंशनरों को राहत देनी चाहिए।
महासंघ की ओर से राज्य सरकार से मांग की गई है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए पेंशनरों को केंद्र के समान 3 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) जुलाई 2025 से एरियर सहित प्रदान की जाए। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बंगाल प्रकरण में दिए गए निर्णय के अनुरूप 81 माह की लंबित महंगाई राहत के एरियर का भुगतान शीघ्र किया जाए। महासंघ ने इसे लाखों वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और जीवन-निर्वाह से जुड़ा विषय बताया है।
प्रेस विज्ञप्ति में मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की धारा 49(6) के अंतर्गत राज्य को हुए लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय नुकसान की भरपाई के संबंध में स्पष्ट कार्ययोजना सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है।
महासंघ ने बजट में शामिल किए जाने हेतु प्रमुख मांगें भी रखी हैं—
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सभी जिलों में पृथक पेंशन कार्यालयों की स्थापना।
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परिवहन विभाग की अधिसूचना (30 सितंबर 2021) के अनुसार वरिष्ठ नागरिकों को बस किराये में छूट का प्रभावी क्रियान्वयन।
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मंत्रालय व शासकीय संस्थानों में पेंशनरों के लिए विशेष सुविधा काउंटर।
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पेंशनर कल्याण निधि के बजट में वृद्धि।
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वरिष्ठ नागरिक कल्याण आयोग की स्थापना।
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प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सेट) की पुनर्स्थापना, ताकि पेंशनरों और कर्मचारियों को त्वरित न्याय मिल सके।
वीरेन्द्र नामदेव ने बताया कि इन मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी को ई-मेल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से विस्तृत पत्र भेजा गया है, ताकि बजट सत्र में इन विषयों पर गंभीर विचार हो सके।
महासंघ के पदाधिकारी जे. पी. मिश्रा, अनिल गोल्हानी, टी. पी. सिंह, बी. एस. दसमेर, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, आर. जी. बोहरे, ओ. डी. शर्मा, हरेंद्र चंद्राकर, लोचन पांडेय, एम. एन. पाठक, आर. के. टंडन, आर. के. नारद, नरसिंग राम, अनिल पाठक, शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, अनिल तिवारी, कौशलेंद्र मिश्रा, टी. एल. चंद्राकर, आर. के. दीक्षित, मालिक राम वर्मा, राम खिलावन साहू और कैलाश राव ने भी एक स्वर में इन मांगों को दोहराया है।
महासंघ ने उम्मीद जताई है कि यह बजट सत्र छत्तीसगढ़ के पेंशनरों के लिए कल्याणकारी निर्णय लेकर आएगा।
