राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री साय
रायपुर, 20 फरवरी 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए। बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर के कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संकट 21वीं सदी की गंभीर पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक चुनौती बन चुका है। जल संरक्षण को स्थायी बनाने के लिए जनभागीदारी जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का उल्लेख किया, जिसमें पानी के उपयोग को प्रसाद के समान मानते हुए जल के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त किया और कई जिलों को पुरस्कार मिले। पहले चरण में सामुदायिक भागीदारी के मॉडल पर बोरवेल रिचार्ज, रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट और ओपनवेल रिचार्ज जैसी संरचनाएं बनाई गईं। वर्तमान में प्रदेश में 5 क्रिटिकल और 21 सेमी-क्रिटिकल भू-जल ब्लॉक चिन्हित हैं। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में पांच ब्लॉकों में भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में तकनीक आधारित और परिणाममूलक रणनीति अपनाई जा रही है। 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। रजत जयंती वर्ष के अवसर पर 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले चार लाख से अधिक किसानों को खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे भू-जल स्तर में वृद्धि के साथ सिंचाई और मछली पालन जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
दूसरे चरण में सभी जल संरचनाओं की जियोटैगिंग, ग्राम पंचायतों के वॉटर बजट और जल सुरक्षा योजनाओं के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। गांवों के युवाओं को “जल मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों में 40 प्रतिशत और क्रिटिकल ब्लॉकों में 65 प्रतिशत कार्यों का लक्ष्य तय किया गया है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने राज्य में जल संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर रहा। उन्होंने बताया कि सितंबर 2024 में सूरत से ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ की शुरुआत की गई थी, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाना है।
उन्होंने सभी कलेक्टरों से मनरेगा के तहत प्राप्त राशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। राजनांदगांव प्रवास के दौरान एक महिला सरपंच द्वारा जल संचयन के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की भी सराहना की।
बैठक में प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, जल शक्ति मंत्रालय के सचिव कांताराव सहित राज्य के सभी कलेक्टर वर्चुअल माध्यम से उपस्थित थे।
