भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता: टैरिफ में बड़ी राहत, ऊर्जा और तकनीक क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार ढांचे (Interim Trade Framework) को लेकर अहम जानकारियाँ सामने आई हैं। इस समझौते के तहत दोनों देशों ने आपसी व्यापार को बढ़ावा देने और टैरिफ व गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने पर सहमति जताई है। इससे भारत को अमेरिकी बाजार में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
समझौते के अनुसार, अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगाए गए उच्च टैरिफ में उल्लेखनीय कटौती करने का फैसला किया है। इससे पहले भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लागू था, जिसमें 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क रूस से तेल खरीदने के कारण पेनल्टी के रूप में जोड़ा गया था। अब इस अंतरिम समझौते के बाद अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर अंतिम रूप से टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करने को तैयार हो गया है।
दोनों देशों में टैरिफ में कटौती
इस व्यापार समझौते के तहत भारत भी अमेरिकी औद्योगिक, खाद्य और कृषि उत्पादों पर लगाए गए कई टैरिफ को हटाने या कम करने पर सहमत हुआ है। इसके साथ ही समझौते के लागू होने के बाद अमेरिका भारतीय दवाओं, रत्न-आभूषण, हीरे और विमान कलपुर्जों पर लगाए गए पारस्परिक टैरिफ को समाप्त करेगा।
गैर-टैरिफ बाधाओं पर भी बनेगी सहमति
भारत और अमेरिका ने गैर-टैरिफ बाधाओं को लेकर भी समाधान निकालने का निर्णय लिया है। मेडिकल डिवाइसेज़, कृषि उत्पादों और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) से जुड़े क्षेत्रों में व्यापार में आ रही अड़चनों को दूर किया जाएगा।
भारत ने अमेरिकी मेडिकल डिवाइस के व्यापार में मौजूद रुकावटों को दूर करने, आयात लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाने और अमेरिकी आईसीटी उत्पादों पर लगे मात्रात्मक प्रतिबंधों की समीक्षा करने का भरोसा दिया है। इसके अलावा, समझौते के लागू होने के छह माह के भीतर भारत यह भी मूल्यांकन करेगा कि अमेरिकी या अंतरराष्ट्रीय मानकों को भारतीय बाजार में स्वीकार किया जा सकता है या नहीं।
ऊर्जा और तकनीकी उत्पादों की बड़ी खरीद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर दी गई जानकारी के अनुसार, भारत अगले पाँच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान व विमान पुर्जे, धातु, कोयला और तकनीकी उत्पाद खरीदेगा।
डिजिटल ट्रेड और टेक्नोलॉजी में सहयोग
डिजिटल व्यापार भी इस समझौते का अहम हिस्सा होगा। दोनों देश डिजिटल क्षेत्र में भेदभावपूर्ण या बोझिल प्रक्रियाओं को समाप्त करने की दिशा में काम करेंगे। इसके साथ ही डेटा सेंटरों के लिए जीपीयू (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) जैसे उन्नत तकनीकी उत्पादों के व्यापार को बढ़ाने और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने पर सहमति बनी है।
भविष्य में और राहत की संभावना
समझौते के तहत यदि भविष्य में टैरिफ संरचना में कोई बदलाव होता है, तो दोनों देश अपने-अपने दायित्वों में संशोधन करेंगे। साथ ही द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को लेकर बातचीत के जरिए बाजार पहुंच को और विस्तारित करने पर भी सहमति जताई गई है। अमेरिका ने यह भी संकेत दिया है कि वह भारतीय उत्पादों पर लगाए गए मौजूदा टैरिफ की समीक्षा कर उन्हें कम करने या हटाने पर विचार करेगा।

