उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में दिखा दुनिया का सबसे तेज उड़ने वाला पक्षी पेरेग्रीन फाल्कन
रायपुर, 30 जनवरी 2026/ पेरेग्रीन फाल्कन दुनिया का सबसे तेज उड़ने वाला पक्षी माना जाता है। शिकार के समय यह ऊंचाई से गोता लगाते हुए अविश्वसनीय गति हासिल करता है, जिस कारण इसे ‘आसमान का चीता’ भी कहा जाता है। यह बाज प्रजाति ऊंचाई से शिकार पर झपट्टा मारने में माहिर होती है और इसके मजबूत, नुकीले पीले पंजे उड़ते हुए भी अन्य पक्षियों को पकड़ने में सक्षम होते हैं।
छत्तीसगढ़ अब दुनिया भर के पक्षियों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभरता जा रहा है। अनुकूल जलवायु और समृद्ध जैव विविधता के चलते कई दुर्लभ पक्षी लंबी दूरी तय कर राज्य में पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से एक अत्यंत उत्साहजनक जानकारी सामने आई है, जहां दुनिया के सबसे तेज उड़ने वाले पक्षी पेरेग्रीन फाल्कन, जिसे स्थानीय रूप से शाहीन बाज कहा जाता है, को एक बार फिर देखा गया है।
इस दुर्लभ दृश्य को वन रक्षक ओमप्रकाश राव ने अपने कैमरे में कैद किया है। इससे पहले भी इस पक्षी की उपस्थिति आमामोरा ओड़ क्षेत्र के समीप शेष पगार जलप्रपात के आसपास ड्रोन कैमरों में दर्ज की जा चुकी है, जो इस क्षेत्र में इसकी सक्रिय मौजूदगी की पुष्टि करती है।
विशेषज्ञों के अनुसार पेरेग्रीन फाल्कन अपनी अद्भुत गति के लिए विश्व प्रसिद्ध है। शिकार का पीछा करते समय यह लगभग 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गोता लगा सकता है, जबकि सामान्य उड़ान में इसकी गति लगभग 300 किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है। यह मुख्य रूप से छोटे पक्षियों, कबूतरों और तोतों का शिकार करता है। ऊंचाई से तेज गति में गोता लगाकर सटीक प्रहार करना इसकी सबसे प्रभावी शिकार तकनीक मानी जाती है।
यह पक्षी न केवल अपनी गति, बल्कि अपनी जीवनशैली के लिए भी जाना जाता है। पेरेग्रीन फाल्कन आमतौर पर अकेले या जोड़े में रहते हैं और प्रायः जीवनभर एक ही साथी के साथ रहते हैं। लगभग 12 से 15 वर्ष के जीवनकाल वाले इस पक्षी का उदंती-सीतानदी के वनों में दिखाई देना इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ का पर्यावरण वन्यजीवों के लिए अत्यंत अनुकूल बना हुआ है।
हाल ही में आयोजित बर्ड सर्वे के दौरान बारनवापारा अभ्यारण्य में भी ऑरेंज ब्रेस्टेड ग्रीन पिजन और ब्लैक-कैप्ड किंगफिशर जैसे दुर्लभ और आकर्षक पक्षी देखे गए हैं, जो राज्य की जैव विविधता को और समृद्ध दर्शाते हैं।
वन मंत्री केदार कश्यप द्वारा वन एवं वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उनके मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में वन विभाग की टीम निरंतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन में जुटी है। इन सतत प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं।
वन विभाग की यह उपलब्धि न केवल अभिलेखीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी नई ऊर्जा प्रदान करती है।
