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तीन दिन साहित्य, संस्कृति और विचारों का राष्ट्रीय महाकुंभ : रायपुर साहित्य उत्सव–2026

रायपुर, 19 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय पटल पर सशक्त रूप से प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का भव्य आयोजन 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में किया जा रहा है। तीन दिवसीय यह साहित्यिक महोत्सव साहित्य, संस्कृति और विचार-विमर्श का एक सशक्त मंच बनेगा, जिसमें देश-प्रदेश के साहित्य प्रेमी, लेखक, विचारक, कलाकार और पाठक बड़ी संख्या में सहभागिता करेंगे।

इस तीन दिवसीय आयोजन में देश एवं प्रदेश के लगभग 120 ख्याति प्राप्त साहित्यकारों का आगमन होगा। उत्सव के दौरान कुल 42 साहित्यिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें समकालीन सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक एवं बौद्धिक विषयों पर गंभीर और सार्थक विमर्श होगा।

विचार, विमर्श और भारतीय ज्ञान परंपरा पर केंद्रित सत्र

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 के विभिन्न सत्रों में भारतीय ज्ञान परंपरा, संविधान और लोकतंत्र, सिनेमा और समाज, देश में नव-जागरण, छत्तीसगढ़ में साहित्य की परंपरा, इतिहास के झरौखे में साहित्य, तथा शैक्षणिक संस्थानों में भाषा और साहित्य के स्तर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। ये सत्र वर्तमान समय की बौद्धिक आवश्यकताओं और सामाजिक चुनौतियों को संबोधित करेंगे।

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इसके अतिरिक्त नाट्य शास्त्र एवं कला परंपरा, साहित्य और राजनीति, समकालीन महिला लेखन, जनजातीय साहित्य, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, पर्यटन, पत्रकारिता और शासन जैसे विषयों पर भी विशद परिचर्चाएं आयोजित होंगी। डिजिटल युग में लेखन, पाठक और प्रकाशन की चुनौतियां भी विमर्श के केंद्र में रहेंगी।

उद्घाटन एवं समापन में प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की सहभागिता

साहित्य उत्सव का शुभारंभ 23 जनवरी 2026 को राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा वर्धा अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।

उत्सव का समापन 25 जनवरी 2026 को होगा, जिसमें राज्य सरकार के मंत्रिगणों के साथ-साथ डॉ. सच्चिदानंद जोशी और डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी जैसी प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विभूतियां विशेष रूप से शामिल होंगी।

‘चाणक्य’ नाटक और सिनेमा जगत की विशिष्ट उपस्थिति

साहित्य उत्सव के दौरान 23 जनवरी को सायंकाल 7 बजे प्रख्यात साहित्यकार एवं रंगमंच कलाकार मनोज जोशी द्वारा चर्चित नाटक ‘चाणक्य’ का विशेष मंचन किया जाएगा, जो आयोजन का प्रमुख आकर्षण होगा।

इसके साथ ही महाभारत धारावाहिक में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले नीतीश भारद्वाज तथा सिनेमा जगत के चर्चित निर्माता-निर्देशक अनुराग बसु भी साहित्य उत्सव में सहभागिता करेंगे।

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अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति काव्य-पाठ

24 जनवरी 2026 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

चार मंडप, एक सांस्कृतिक विरासत

साहित्यिक परिचर्चाओं एवं सत्रों के लिए आयोजन स्थल पर चार मंडप बनाए गए हैं।
मुख्य मंडप का नामकरण ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के एकमात्र साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर किया गया है।

दूसरे मंडप का नामकरण श्यामलाल चतुर्वेदी, तीसरे मंडप का नामकरण बस्तर के गौरव साहित्यकार लाला जगदलपुरी, तथा चौथे मंडप का नामकरण साहित्यकार अनिरुद्ध नीरव के नाम पर किया गया है।

पुस्तक मेला, विमोचन और टेलेंट ज़ोन

आयोजन स्थल पर विशाल पुस्तक मेला लगाया जाएगा, जिसमें प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, सरस्वती बुक, यशस्वी प्रकाशन, हिन्द युग्म प्रकाशन, राजपाल प्रकाशन सहित लगभग 15 राष्ट्रीय स्तर के प्रकाशक अपनी पुस्तकों का प्रदर्शन और विक्रय करेंगे।

इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों एवं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा लिखी गई पुस्तकों का प्रदर्शन किया जाएगा तथा नई पुस्तकों के विमोचन की भी समुचित व्यवस्था की गई है।

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स्थल पर छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों के विकास को दर्शाने वाली आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। स्थानीय युवाओं और लोक कलाकारों के लिए टेलेंट ज़ोन बनाया गया है, जहां काव्य-पाठ, कहानी-पाठ, लोकनृत्य और गीत-संगीत की प्रस्तुतियां होंगी। प्रतिदिन क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित कर विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।

निःशुल्क बस सेवा और व्यवस्थाएं पूर्ण

पुरखौती मुक्तांगन तक पुराने रायपुर से आने-जाने के लिए प्रशासन द्वारा लगभग 20 निःशुल्क बसों का संचालन रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टाटीबंध, तेलीबांधा सहित छह मार्गों पर किया जाएगा। साहित्य उत्सव के सफल आयोजन हेतु लगभग 500 अधिकारी-कर्मचारी व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।

आयोजन स्थल पर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों सहित स्थानीय खान-पान के लिए लगभग 15 फूड स्टॉल लगाए जा रहे हैं। साथ ही पेयजल, स्वच्छता एवं शौचालय जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

बौद्धिक चेतना का राष्ट्रीय मंच

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 छत्तीसगढ़ की बौद्धिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और समकालीन विचारधारा का राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त प्रदर्शन है। यह उत्सव साहित्य, संवाद और संस्कृति के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य करेगा तथा नई पीढ़ी में अध्ययन, अभिव्यक्ति और सृजनशीलता के प्रति रुचि को और अधिक सुदृढ़ करेगा।