राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी का भव्य समापन, स्काउटिंग से मिलती है नेतृत्व और सेवा की सीख: विष्णुदेव साय
रायपुर, 12 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्काउटिंग जीवन जीने की एक पद्धति है, जो व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में आत्मनिर्भर बनना, टीम भावना के साथ कार्य करना और समाज के लिए समर्पित रहना सिखाती है। मुख्यमंत्री साय आज बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी के भव्य समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से पधारे रोवर–रेंजरों एवं स्काउट–गाइड्स का भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता शबरी की तपोभूमि छत्तीसगढ़ में आत्मीय स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह जंबूरी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की विविधता में एकता का जीवंत उत्सव है।
‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की सजीव प्रस्तुति बना राष्ट्रीय जंबूरी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश में पहली बार इस स्तर की राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी का आयोजन होना और उसके लिए छत्तीसगढ़ का चयन पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करता है। विभिन्न राज्यों से आए रोवर–रेंजरों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, झांकियों और गतिविधियों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया।
युवा ही राष्ट्र का भविष्य, स्काउटिंग से मिलता है नेतृत्व का संस्कार
मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को संबोधित करते हुए स्वामी विवेकानंद के प्रेरक वाक्य— “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए”—का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्काउट–गाइड संगठन द्वारा सिखाए गए अनुशासन, सेवा-भाव, नेतृत्व और टीमवर्क जैसे मूल्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कोरोना काल में स्काउट–गाइड्स द्वारा किए गए सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने समाज को जागरूक और सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत उपस्थित युवाओं को शपथ भी दिलाई।
15 हजार से अधिक रोवर–रेंजरों की सहभागिता से ऐतिहासिक आयोजन
09 से 13 जनवरी तक आयोजित इस पांच दिवसीय जंबूरी में देश-विदेश से 15 हजार से अधिक रोवर–रेंजरों ने भाग लिया। समापन समारोह के दौरान प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने वातावरण को भारतीय कला, संस्कृति और सौहार्द से सराबोर कर दिया। विशाल जनसहभागिता ने इस आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
स्कूल शिक्षा मंत्री एवं स्काउट–गाइड के राज्य अध्यक्ष गजेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के मार्गदर्शन में यह राष्ट्रीय जंबूरी अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि जंबूरी के दौरान युवा संसद, कौशल प्रदर्शन, सांस्कृतिक आदान–प्रदान और आदिवासी एथनिक फैशन शो जैसे कार्यक्रमों ने युवाओं को नई दिशा और मंच प्रदान किया। इस अवसर पर गजेंद्र यादव को राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त डॉ. के.के. खंडेलवाल द्वारा सिल्वर एलीफेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।
सेवा और समर्पण से बनेगा श्रेष्ठ भारत
भारतीय स्काउट–गाइड के राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त डॉ. के.के. खंडेलवाल ने कहा कि स्काउटिंग का मूल मंत्र है— “अपने कार्यों से दूसरों का भला करना”। उन्होंने कहा कि सेवा-भाव, अनुशासन और सहभागिता ही एक सशक्त और विकसित राष्ट्र की नींव रखते हैं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
