हिंदुत्व और सांस्कृतिक चेतना के अद्वितीय वाहक : आचार्य धर्मेन्द्र
द्भुत वक्ता, गौरक्षा आंदोलन के नेता, विश्व हिंदु परिषद से जुड़े महान संत जिन्होंने अपना पूरा जीवन हिंदुत्व, संस्कृति और समाज की सेवा को समर्पित किया।
Read Moreद्भुत वक्ता, गौरक्षा आंदोलन के नेता, विश्व हिंदु परिषद से जुड़े महान संत जिन्होंने अपना पूरा जीवन हिंदुत्व, संस्कृति और समाज की सेवा को समर्पित किया।
Read Moreस्वामी ब्रह्मानंद स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक संत थे। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन, गौरक्षा और शिक्षा प्रसार में उल्लेखनीय योगदान दिया और सांसद रहते हुए भी अपना जीवन राष्ट्र सेवा को समर्पित किया।
Read More11 सितंबर 1893 को शिकागो धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद के “मेरे प्यारे भाइयो और बहनो” संबोधन ने विश्व को भारतीय दर्शन, सहिष्णुता और मानवता का संदेश दिया। यह क्षण हर भारतवासी के लिए गर्व का प्रतीक है।
Read Moreबाघा जतिन उर्फ़ जतिनन्द्र नाथ मुखर्जी भारतीय स्वाधीनता संग्राम के वीर सपूत थे। 10 सितंबर 1915 को उन्होंने अंग्रेजी शासन से लोहा लेते हुए अपना बलिदान दिया।
Read Moreक्रांतिकारी भूपेन्द्रनाथ दत्त का जीवन स्वतंत्रता संग्राम, सामाजिक जागरण और किसान आंदोलनों से जुड़ा रहा। गदर पार्टी से लेकर इंडियन इंडिपेंडेंस कमेटी और कांग्रेस तक उनकी भूमिका बहुआयामी रही।
Read More1857 की क्रांति में बिठूर की 13 वर्षीय मैनादेवी ने अंग्रेजों की यातनाएँ झेलकर भी सत्य का साथ नहीं छोड़ा और 3 सितम्बर 1857 को जीवित जलाई गईं। उनका बलिदान भारत के स्वतंत्रता संग्राम की अमर गाथा है।
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