द बस्तर मड़ई में बिखरेगी बस्तर की बहुरंगी कला-संस्कृति की छटा
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बस्तर दशहरा पर्व के सफल आयोजन को लेकर समीक्षा बैठक की। यह 75 दिनों तक चलने वाला पर्व 4 अगस्त 2024 को पाट जात्रा पूजा विधान से शुरू हुआ
Read Moreमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बस्तर दशहरा पर्व के सफल आयोजन को लेकर समीक्षा बैठक की। यह 75 दिनों तक चलने वाला पर्व 4 अगस्त 2024 को पाट जात्रा पूजा विधान से शुरू हुआ
Read Moreछत्तीसगढ़ में देश का तीसरा सबसे बड़ा बाघ अभयारण्य, गुरु घासीदास-तमोर पिंगला, जल्द ही अस्तित्व में आएगा। यह नया बाघ अभयारण्य 2829.387 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला होगा और इसे छत्तीसगढ़ के प्रमुख वन क्षेत्रों को एकीकृत करके बनाया गया है। इस निर्णय से बाघों की सुरक्षा और संख्या में सुधार की उम्मीद है, साथ ही यह क्षेत्र इको-टूरिज़्म और स्थानीय रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा।”
Read Moreजनजातीय संस्कृति का भी रामायण से नज़दीकी रिस्ता है। यहाँ कातकरी खुद को वानर सेना का वंशज मानते हैं। भील माता शबरी को अपना वंशज मानते हैं।सह्याद्रि क्षेत्र के वनवासी हर साल बोहाडा उत्सव मनाते हैं।
Read More“भाषा संस्कृति है और संस्कृति खेती है,जिसकी फसल साहित्य है। लेकिन साहित्य संदेश देता है, उपदेश नहीं।” ये शब्द प्रसिद्ध भाषाविद और विद्वान साहित्यकार डा.चित्तरंजन कर के हैं ,जो वे विगत दिनों तिल्दा-नेवरा में आयोजित समन्वय साहित्य परिवार छत्तीसगढ़ के 29 वें वार्षिक महोत्सव में मुख्य अभ्यागत की आसंदी से बोल रहे थे।
Read Moreपीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित वर्चुअल छत्तीसगढ़ माइनिंग समिट में श्री एम. नागराजू, आईएएस, अपर सचिव, कोयला
Read Moreफेसबुक लाइव में दक्षिण कोसल में रामकथा की व्याप्ति विषय पर दिनांक 22 अप्रेल 2021 को शाम साढ़े सात बजे
Read More