स्वातन्त्र्य यज्ञ के कर्मवीर पं. माखनलाल चतुर्वेदी
माखनलाल चतुर्वेदी के जीवन, साहित्य, पत्रकारिता और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर विस्तृत लेख। ‘पुष्प की अभिलाषा’ के रचयिता की राष्ट्रीय चेतना और क्रांतिकारी भूमिका का विश्लेषण।
Read Moreमाखनलाल चतुर्वेदी के जीवन, साहित्य, पत्रकारिता और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर विस्तृत लेख। ‘पुष्प की अभिलाषा’ के रचयिता की राष्ट्रीय चेतना और क्रांतिकारी भूमिका का विश्लेषण।
Read Moreबंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 7 नवम्बर 1875 को रचित “वन्दे मातरम्” राष्ट्रगीत भारतीय संस्कृति, मातृभूमि के प्रति भक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। यह गीत आज भी भारत की आत्मा का ओजस्वी स्वर बना हुआ है।
Read Moreवंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता चेतना का प्रतीक है। बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की कलम से निकला यह राष्ट्रगीत स्वाधीनता संग्राम के दौरान जन-जन की आवाज बना। शताब्दी वर्ष पर यह गीत आज भी भारत के सांस्कृतिक गौरव, एकता और मातृभूमि-भक्ति का प्रतीक है।
Read Moreगुरु पूर्णिमा पर आधारित यह आलेख भारतीय गुरू-शिष्य परंपरा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा भगवद्ध्वज पूजन की परंपरा, और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की गहराई से व्याख्या करता है।
Read Moreछत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उनके राष्ट्रभक्ति, शिक्षा और भारतीय एकता के योगदान को स्मरण कर नागरिकों से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
Read More“ऑपरेशन सिंदूर” एक सैन्य नहीं, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राष्ट्रयुद्ध है—नारी सम्मान, धर्म और मानवता की रक्षा हेतु भारत की आत्मा की पुकार।
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