भारतीय संस्कृति में प्रकृति मानी जाती है जीवन का आधार
भारतीय संस्कृति प्रकृति को देवत्व का स्वरूप मानती है। वेद, पुराण, उपनिषद और महाकाव्यों में वन, उपवन, पशु और बीज को पवित्र बताया गया है।
Read Moreभारतीय संस्कृति प्रकृति को देवत्व का स्वरूप मानती है। वेद, पुराण, उपनिषद और महाकाव्यों में वन, उपवन, पशु और बीज को पवित्र बताया गया है।
Read Moreकबीरधाम में मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास, 306 करोड़ की स्वीकृति। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वास्थ्य सुविधाओं के नए युग की शुरुआत बताई। जिले में अधोसंरचना, सिंचाई, शिक्षा और जनसेवा से जुड़े कई बड़े निर्णय घोषित।
Read Moreमुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर आवास, कृषि, महिला सशक्तीकरण, उद्योग, शिक्षा, सुरक्षा और अधोसंरचना में हुए प्रमुख कार्यों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड जारी किया।
Read Moreकोपरा जलाशय को छत्तीसगढ़ की पहली रामसर साइट के रूप में मान्यता मिली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे जैवविविधता, जल संरक्षण और अंजोर विजन 2047 की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।
Read Moreसुकमा में पूना मारगेम कार्यक्रम के तहत 10 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में ऐतिहासिक परिवर्तन बताया। पुनर्वास नीति, विकास और विश्वास को नई मजबूती।
Read Moreबिलासपुर का कोपरा जलाशय छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट घोषित। जैवविविधता, जल संरक्षण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने वाला ऐतिहासिक कदम। मंत्री केदार कश्यप ने प्रदेशवासियों को बधाई दी।
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