साहित्य

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जनकवि लक्ष्मण मस्तुरिया : छत्तीसगढ़ी चेतना के स्वर

वास्तव में लक्ष्मण मस्तुरिया की ये हिन्दी कविताएँ मानव हृदय की कोमल भावनाओं के साथ गाँव, शहर, देश और समाज की जीवन व्यापी हलचल और आज के मनुष्य के दुःख-दर्द का एक जीवंत दस्तावेज़ हैं।

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‘चाय’ और ‘सर्वहारा’ पर केंद्रित कविताएँ, दो पुस्तकों का एक साथ विमोचन

प्रेस क्लब रायपुर में आयोजित एक भव्य साहित्यिक समारोह में रायगढ़ निवासी कवि श्री प्रकाश गुप्ता ‘हमसफ़र’ के दो काव्य-संग्रहों ‘चाय शिवाय’ और ‘सर्वहारा की गलियों में’ का लोकार्पण किया गया।
‘चाय शिवाय’ संग्रह चाय की महिमा पर केंद्रित है, जबकि ‘सर्वहारा की गलियों में’ जन-सामान्य के दुख-दर्दों को स्वर देता है।

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भिलाई में संत कवि पवन दीवान को याद किया साहित्यकारों ने 

माता कौशल्या गौरव अभियान समिति द्वारा संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से भिलाई नगर में आयोजित कार्यक्रम में अनेक साहित्यकारों और साहित्यप्रेमी नागरिकों ने सुप्रसिद्ध संत कवि पवन दीवान को याद किया।

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धर्म की दीपिका अहिल्या माई : काव्य रचना

माता अहिल्याबाई होलकर के जीवन और कार्यों पर आधारित एक भावात्मक काव्यात्मक कविता जो नारी शक्ति, धर्मपालन, सेवा और राष्ट्रनिर्माण की भावना से ओतप्रोत है ।

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बंगला भाषी प्रदेश में जन्मी हिन्दी पत्रकारिता : हिन्दी पत्रकारिता की यात्रा

नारद जयंती के दिन आया उदन्त मार्तण्ड यानी उगता हुआ सूरज वह नारद जयंती का दिन था। हम भारतीय लोग अपने पौराणिक आख्यानों के अनुसार देवर्षि नारद को दुनिया का पहला पत्रकार मानते हैं,

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