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सनातन परंपरा पर औरंगजेब सबसे बड़ा हमला : 9 अप्रैल 1669 का दिन

49 वर्षों के अपने शासनकाल में औरंगजेब ने एक ऐसा ऐतिहासिक कालखंड निर्मित किया, जो भय, दमन, और धार्मिक असहिष्णुता का प्रतीक बन गया। उसका यह आदेश एक सुनियोजित सांस्कृतिक विलोपन का प्रयास था, जिसने भारत की आत्मा को आहत किया।

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futuredइतिहासहमारे नायक

भारतीय पुरातत्व के अग्रदूत डॉ. हरिभाऊ वाकणकर

डाक्टर हरिभाऊ वाकणकर की गणना संसार के प्रमुख पुरातत्वविदों में होती है । उन्होंने भारत के विभिन्न वनक्षेत्र के पुरातन जीवन और भोपाल के आसपास लाखों वर्ष पुराने मानव सभ्यता के प्रमाण खोजे । भीम बैठका उन्ही की खोज है । उनके शोध के बाद विश्व भर के पुरातत्वविद् भारत आये और डाक्टर वाकणकर से मार्गदर्शन लिया।

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जगन्नाथ संस्कृति का प्रदेश और नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की जन्मस्थली है ओड़िशा

उत्कल भूमि बंगाल की खाड़ी में पुरी के समुद्र तट पर विराजमान महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की छत्रछाया में एक लाख 55 हज़ार 707 वर्ग किलोमीटर में विस्तारित है। नक्शे पर इस राज्य का उदय आज ही के दिन एक अप्रैल 1936 को ‘उड़ीसा’ के नाम से हुआ था ।

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futuredखेत-खलिहानविविध

भारतीय कृषि: आत्मनिर्भरता से समृद्धि की ओर

भारतीय अर्थव्यवस्था में किसी भी दृष्टि से कृषि क्षेत्र के योगदान को कमतर नहीं आंका जा सकता है क्योंकि उद्योग एवं सेवा क्षेत्र का विकास भी कृषि क्षेत्र के विकास पर ही निर्भर करता है। अधिकतम उपभोक्ता तो आज भी ग्रामीण इलाकों में ही निवास कर रहे हैं एवं उद्योग क्षेत्र में निर्मित उत्पादों की मांग भी ग्रामीण इलाकों से ही निकल रही है। अतः देश में कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देना ही होगा।

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futuredघुमक्कड़ जंक्शन

सिद्धेश्वर से त्रयंबकेश्वर : यात्रा वृत्तांत

यात्राओं का उदेश्य जहां एक ओर अवचेतन मन में स्थित वेदनाओं का चेतन प्रकृति के तादात्म्य से शमन करना हैं तो दूसरी ओर स्वयं को जानना हैं। स्वयं को जानने का सबसे अच्छा माध्यम हैं

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futuredविविधविश्व वार्ता

वैश्विक व्यापार युद्ध में भारत के लिए अवसर और चुनौतियाँ

तीसरे, मेक इन इंडिया ट्रम्प के टैरिफ युद्ध का सही जवाब है। आज भारत को सही अर्थों में “आत्मनिर्भर भारत” बनाए जाने की सबसे अधिक आवश्यकता है। भारत के लिए केवल अमेरिका ही विदेशी व्यापार के मामले में सब कुछ नहीं होना चाहिए, भारत को अपने लिए नित नए बाजारों की तलाश भी करनी होगी। एक ही देश पर अत्यधिक निर्भरता उचित नहीं है। स्वदेशी उद्योगों को भी बढ़ावा देना ही होगा।

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