वैदिक संस्कृति की आधारशिला सरस्वती नदी की शोध यात्रा
सरस्वती नदी की ऐतिहासिक, भूगर्भीय और पुरातात्त्विक खोजों पर आधारित यह आलेख वैदिक सभ्यता से जुड़ी सांस्कृतिक निरंतरता को आधुनिक वैज्ञानिक शोधों की दृष्टि से प्रमाणित करता है।
Read Moreसरस्वती नदी की ऐतिहासिक, भूगर्भीय और पुरातात्त्विक खोजों पर आधारित यह आलेख वैदिक सभ्यता से जुड़ी सांस्कृतिक निरंतरता को आधुनिक वैज्ञानिक शोधों की दृष्टि से प्रमाणित करता है।
Read More1857 की क्रांति के दौरान कानपुर और बिठूर में जनरल हैवलॉक और नील द्वारा किए गए नरसंहार की क्रूर गाथा, जब हज़ारों निर्दोष भारतीयों को मौत के घाट उतारा गया और गांव के गांव जला दिए गए।
Read Moreमराठा सैन्य परिदृश्य, जिसमें महाराष्ट्र और तमिलनाडु के 12 किले शामिल हैं, को 2025 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया, जो मराठा साम्राज्य की सैन्य और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है।
Read More1301 ई. में रणथंभौर की वीरांगनाओं द्वारा किया गया राजस्थान का पहला ऐतिहासिक जौहर, रानी रंगा देवी और उनकी पुत्री पद्मला के आत्मबलिदान की गाथा, अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण और हमीर देव के शौर्य के प्रसंग के साथ।
Read Moreमदकूद्वीप शिवनाथ नदी के दो भागो मे बँट जाने से एक द्वीप का रूप लेता है। जोगीद्वीप जमुनिया एवं बंजारी नदी के संगम स्थल होने के कारण एक द्वीप का रूप लेता है। नाम के अनुसार मदकू ऋषि के आश्रम स्थल होने के कारण मदकूद्वीप पड़ा। जोगीद्वीप मे प्राचीन काल से संत महात्माओ एवं जोगियो का निवास होने के कारण यह स्थान जोगीद्वीप पड़ा। मदकूद्वीप के उत्खनन से मंदिरो के अवशेष प्राप्त हुए । जोगीद्वीप और गुर्रा ग्राम से प्राप्त प्राचीन प्रतिमाओ एवं स्थापत्य खंडो के आधार पर इस स्थल पर भी विपुल पुरासंपदा भूगर्भ मे समाहित है ऐसा प्रतीत होता है।
Read Moreप्रकृति का सबसे कोमल, सबसे तीव्र और सबसे रहस्यमयी उपहार है नयन। यह वह द्वार है जिससे आत्मा बोलती है,
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