असमवासी छत्तीसगढ़िया पुस्तक का विमोचन
इनमें से एक पुस्तक ’असमवासी छत्तीसगढ़िया’ के लेखक रायपुर के श्री अशोक तिवारी और दुर्ग के श्री संजीव तिवारी तथा दूसरी पुस्तक ’छत्तीसगढ़ 2018’ के लेखक श्री शिव अनुराग पटेरिया हैं।
Read Moreइनमें से एक पुस्तक ’असमवासी छत्तीसगढ़िया’ के लेखक रायपुर के श्री अशोक तिवारी और दुर्ग के श्री संजीव तिवारी तथा दूसरी पुस्तक ’छत्तीसगढ़ 2018’ के लेखक श्री शिव अनुराग पटेरिया हैं।
Read Moreरथ का निर्माण भगवान विश्वकर्मा के वंशज परम्परागत शिल्पकार महाराणा करते हैं, ये शिल्पकार उड़ीसा में प्राचीन काल से स्थापत्य एवं निर्माण कार्य करते हैं। कोणार्क के मंदिर का निर्माण करने वाले शिल्पकार विसु महाराणा का उल्लेख तेहरवीं शताब्दी में मिलता है, जिसमें कोर्णाक मंदिर निर्माण की योजना तैयार की एवं उसका निर्माण किया।
Read Moreकार्यक्रम में प्रसिद्ध पंडवानी गायिका श्रीमती तीजन बाई को लाइफ टाईम एचीवमेंट से नवाजा गया। उनके अलावा सत्य सांई अस्पताल रायपुर को भी हृदय रोग पीड़ित बच्चों के निःशुल्क इलाज के लिए मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किया गया।
Read Moreशस्य श्यामला भूमि छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने अपने हाथों से संवारा है एवं इसे अकूत प्राकृतिक खजाना सौंपा है। इसके चप्पे चप्पे में प्राकृतिक सौंदर्य बिखरा है तो साथ ही सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक लोक गाथाएं भी बिखरी पड़ी हैं।
Read Moreपाटण पुराण प्रसिद्ध सरस्वती नदी के किनारे पर चपोतकट -चावड़ा राजा वनराज चावड़ा का बसाया हुआ शहर है। उसे अनहिलपुरा, अनहिलवाडा, अनहिल पाटक, अनालावता के नाम से और पुराने दौर के मुस्लिम लेखकों के इतिहास के पुस्तको में नाहरवाला के नाम से जाना जाता था।
Read Moreप्रशासन एवं कृषि वैज्ञानिकों के सहयोग से प्रसंस्करण किया जाने लगा एवं डिब्बा बंद पल्प अब ग्रामीण कृषकों की आमदनी का बड़ा साधन बन गया है। सीताफल पल्प से बनी आईसक्रीम बाजार में बहुत पसंद की जा रही है।
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