परंपरा से खिलवाड़ का ‘अदृश्य’ न्याय? जानिए क्यों जामड़ीपाठ के बुजुर्ग ग्रामीणों ने कहा – “नाखुश हैं हमारे प्राकृतिक देवी-देवता
बालोद के तुएगोंडी-पाटेश्वर धाम (जामड़ीपाठ) विवाद पर आधारित विश्लेषण, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों, पारंपरिक आदिवासी नेतृत्व, गोंड संस्कृति, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक हस्तक्षेप को लेकर उठ रहे सवालों की पड़ताल की गई है।
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