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सुकमा में पुनर्वास से बदल रही तस्वीर, शांति और विकास की नई राह पर बढ़ रहा बस्तर

कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे सुकमा जिले में अब शांति, विश्वास और विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौटे लोगों को नया जीवन, रोजगार और सम्मानजनक अवसर दिए जा रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिला मुख्यालय स्थित पुनर्वास केंद्र का दौरा कर वहां चल रही गतिविधियों का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने पुनर्वासित लोगों से मुलाकात कर उनके अनुभव सुने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़ने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकार भटके हुए लोगों को नई दिशा देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

2392 लोगों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की प्रभावी नक्सल पुनर्वास नीति के कारण बस्तर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। अब तक 2392 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। इनमें से 361 लोगों ने पुनर्वास के बाद नया जीवन शुरू किया है।

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उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पुनर्वास नहीं, बल्कि इन नागरिकों को स्थायी रोजगार, सम्मान और समाज में बराबरी का अवसर देना है।

कौशल प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता

पुनर्वास केंद्र में राजमिस्त्री, कपड़ा सिलाई, कृषि उद्यमिता और वाहन चालक जैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्ष 2026 में अब तक 307 हितग्राहियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

मुख्यधारा में लौटे 313 युवाओं को प्रतिमाह 10 हजार रुपये स्टाइपेंड भी दिया जा रहा है।

डिजिटल जुड़ाव और महिलाओं की भागीदारी

जिला प्रशासन ने 107 पुनर्वासित हितग्राहियों को मोबाइल फोन वितरित किए हैं, ताकि वे डिजिटल दुनिया और संचार सुविधाओं से जुड़ सकें।

विशेष रूप से 115 महिलाएं प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन रही हैं।

प्रभावित परिवारों को रोजगार

मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के आश्रितों को भी राहत दी जा रही है। अनुकंपा नियुक्ति के तहत 20 लोगों को पुलिस विभाग और 95 लोगों को जिला प्रशासन में रोजगार दिया गया है।

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कार्यक्रम में कई हितग्राहियों और शिक्षा विभाग के अंतर्गत 10 नव नियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए।

आवास की चाबी और सम्मान

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान पुनर्वासित लोगों को मोबाइल, राजमिस्त्री किट, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान की चाबियां और पूर्णता प्रमाण पत्र वितरित किए।

इस अवसर पर 25 हितग्राहियों को नए आवास की चाबी देकर सम्मानित किया गया।

कॉफी टेबल बुक का विमोचन

मुख्यमंत्री ने पुनर्वास की प्रेरक कहानियों पर आधारित ‘बदलते सुकमा की बदलती तस्वीर: पुनर्वास से विकास तक’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया।

उन्होंने कहा कि यह बदलाव केवल भौतिक नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक परिवर्तन का भी प्रतीक है।