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खारंग नदी हादसे के बाद प्रशासन सख्त, अवैध रेत उत्खनन पर तेज हुई कार्रवाई

बिलासपुर जिले के खारंग नदी क्षेत्र में हुए दर्दनाक हादसे के बाद जिला प्रशासन और खनिज विभाग ने अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। घटना की जांच पूरी होने के बाद संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण रोकने के लिए निगरानी और अभियान तेज कर दिए गए हैं।

हादसे की जांच में क्या सामने आया

खनिज विभाग की टीम ने ग्राम गढ़वट पहुंचकर सरपंच, पंचों और ग्रामीणों की मौजूदगी में घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच में पता चला कि 8 और 9 अप्रैल की दरमियानी रात दो युवक नदी क्षेत्र की ओर गए थे, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई।

इस हादसे में एक युवक की मौके पर मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया। अधिकारियों को घटनास्थल पर कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला, लेकिन ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर पूरी घटना की पुष्टि की गई।

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वाहन मालिक पर एफआईआर

प्राथमिक जांच में सामने आया कि हादसे में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली ग्राम गढ़वट निवासी तोषण कुमार कश्यप के नाम पर पंजीकृत है। इसके आधार पर रतनपुर थाने में वाहन मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 105 और 238(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

जांच के दौरान यह भी संकेत मिले कि दोनों युवक रेत निकालने के उद्देश्य से नदी क्षेत्र में गए थे। हालांकि मौके पर अवैध उत्खनन के सीधे प्रमाण नहीं मिले, लेकिन वहां बने कच्चे रास्ते और ट्रैक्टर की आवाजाही के निशान पाए गए।

अवैध खनन पर लगातार कार्रवाई

खनिज विभाग ने बताया कि बिलासपुर जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

  • वर्ष 2024-25 में गढ़वट और आसपास के क्षेत्रों में 47 मामले दर्ज किए गए, जिनमें करीब 6.95 लाख रुपये की वसूली हुई।
  • वर्ष 2025-26 में अब तक 22 प्रकरण दर्ज कर 3.19 लाख रुपये से अधिक की कार्रवाई की जा चुकी है।
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पूर्व में भी गढ़वट क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन के मामलों में ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की जा चुकी हैं।

पंचायत स्तर पर भी निगरानी

प्रशासन का कहना है कि पंचायत स्तर पर भी अवैध उत्खनन रोकने के लिए समय-समय पर निर्णय लिए जा रहे हैं और लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।