सीजफायर के 24 घंटे के भीतर फिर भड़का तनाव: ईरान ने दोबारा बंद किया स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़, लेबनान पर हमलों से बढ़ा विवाद
मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) के 24 घंटे के भीतर ही ईरान ने रणनीतिक रूप से अहम स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ को फिर से बंद करने का ऐलान कर दिया है। यह कदम इज़राइल द्वारा लेबनान पर किए गए ताज़ा हमलों के बाद उठाया गया है, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत की खबर है।
लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक, बुधवार को हुए हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 250 से अधिक हो गई है। इन हमलों के बाद ईरान ने इज़राइल पर सीजफायर के उल्लंघन का आरोप लगाया है और कहा है कि बेरूत पर लगातार हमले समझौते की भावना के खिलाफ हैं।
वहीं, अमेरिका और इज़राइल का दावा है कि यह युद्धविराम केवल ईरान और अमेरिका के बीच था, जिसमें लेबनान को शामिल नहीं किया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक इंटरव्यू में कहा कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है और वहां की स्थिति एक अलग संघर्ष के तहत आती है।
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि सीजफायर की शर्तें स्पष्ट हैं और इसमें लेबनान भी शामिल है। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के बयान का हवाला देते हुए कहा कि समझौते में लेबनान का जिक्र था।
इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ किया है कि ईरान के साथ किसी भी युद्धविराम का असर हिज़्बुल्लाह के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों पर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इज़राइल हिज़्बुल्लाह को निशाना बनाना जारी रखेगा।
ईरान ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका को चेतावनी दी है कि उसे यह तय करना होगा कि वह शांति चाहता है या इज़राइल के जरिए जारी संघर्ष। अराघची ने अपने बयान में कहा कि दुनिया लेबनान में हो रही घटनाओं को देख रही है और अब फैसला अमेरिका के हाथ में है।
इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में अस्थिरता को और बढ़ा दिया है, खासकर स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति और बाजार पर भी बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

