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भारतीय रेलवे का नया बोर्डिंग नियम लागू: अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बदल सकेंगे स्टेशन

भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए वर्ष 2026 से नया बोर्डिंग स्टेशन नियम लागू कर दिया है। यह बदलाव रेल मंत्रालय की “52 हफ्ते, 52 सुधार” पहल के तहत किया गया है, जिसका उद्देश्य सेवा गुणवत्ता, प्रबंधन और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाना है।

नए नियम के अनुसार, अब यात्री ट्रेन के मूल प्रस्थान स्टेशन से रवाना होने के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। इससे खासतौर पर उन यात्रियों को राहत मिलेगी, जो बड़े शहरों में रहते हैं और जहां एक ही शहर में कई रेलवे स्टेशन मौजूद होते हैं।

पहले यह सुविधा केवल चार्ट तैयार होने से पहले तक ही सीमित थी, लेकिन अब डिजिटल माध्यम से आखिरी समय में भी बदलाव संभव हो गया है। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई यात्री स्टेशन A से यात्रा शुरू करने वाला था, लेकिन अचानक योजना बदलने पर वह स्टेशन B से चढ़ना चाहता है, तो वह अब यह बदलाव आसानी से कर सकता है।

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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 24 मार्च 2026 को इस प्रावधान की जानकारी देते हुए कहा था कि अगर कोई यात्री अपने मूल स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाता है, तो वह अगले सुविधाजनक स्टेशन से यात्रा शुरू कर सकता है और उसकी कन्फर्म सीट सुरक्षित रहेगी।

किसे मिलेगी यह सुविधा?
यह सुविधा केवल कन्फर्म और आरएसी (RAC) टिकट धारकों के लिए उपलब्ध होगी। साथ ही, बोर्डिंग स्टेशन में बदलाव केवल एक बार ही किया जा सकेगा और इसके लिए अनुरोध दूसरे चार्ट बनने से पहले करना होगा।

ऑनलाइन कैसे बदलें बोर्डिंग स्टेशन?
यात्री IRCTC वेबसाइट या ऐप के जरिए लॉगिन कर ‘My Transactions’ में जाकर अपनी बुक की गई टिकट चुन सकते हैं। वहां ‘Change Boarding Point’ विकल्प पर क्लिक कर मनचाहा स्टेशन चुनने के बाद पुष्टि करनी होगी। सफल बदलाव की जानकारी मोबाइल पर मैसेज के जरिए मिल जाएगी।

काउंटर टिकट वालों के लिए प्रक्रिया
जिन यात्रियों ने टिकट काउंटर से बुक कराया है, उन्हें बोर्डिंग स्टेशन बदलने के लिए नजदीकी पीआरएस (Passenger Reservation System) काउंटर पर जाकर आवेदन करना होगा।

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रेलवे के इस नए नियम से यात्रियों को अधिक लचीलापन मिलेगा और यात्रा प्रबंधन भी पहले से ज्यादा सुगम होने की उम्मीद है।