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सोशल मीडिया के दौर में भरोसे का संकट, पत्रकारिता को लौटना होगा मूल्यों की ओर

रमेन डेका ने कहा है कि लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और इसे और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय तथा जनहित केंद्रित बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने पत्रकारिता को केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी और एक मिशन बताया।

राज्यपाल डेका भिलाई सेक्टर-4 स्थित एस.एन.जी. ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित भी किया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, क्योंकि यह जनता और शासन के बीच सेतु का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि एक सशक्त और निष्पक्ष मीडिया ही लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रख सकता है।

वर्तमान समय की चुनौतियों का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने सूचना के प्रसार को आसान जरूर बनाया है, लेकिन इसके साथ ही विश्वसनीयता का संकट भी गहराया है। बिना पुष्टि के खबरों का तेजी से प्रसार होना चिंता का विषय है। ‘फेक न्यूज’ और ‘डीपफेक’ जैसी समस्याओं ने सच्चाई और भ्रम के बीच अंतर करना कठिन बना दिया है।

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उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में पारंपरिक मीडिया, विशेषकर प्रिंट मीडिया, आज भी अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने में सफल रहा है। ऐसे में पत्रकारों को अपने मूल सिद्धांतों—सत्यता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी—पर कायम रहना होगा।

कार्यक्रम के दौरान महिला पत्रकारों और समाजसेवी महिलाओं को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर यूनियन के पदाधिकारी, वरिष्ठ पत्रकार और बड़ी संख्या में मीडिया से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

राज्यपाल ने अंत में कहा कि एक स्वस्थ और जिम्मेदार पत्रकारिता ही मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला होती है, इसलिए इस दिशा में सभी को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है।