छत्तीसगढ़ में एलपीजी दुरुपयोग पर सख्ती, 214 छापों में 1013 सिलेंडर जब्त
छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी के दुरुपयोग को रोकने के लिए खाद्य विभाग और जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। लगातार की जा रही कार्रवाई के तहत अब तक 214 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 1013 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इनमें रायपुर और बिलासपुर जिलों में सबसे अधिक कार्रवाई दर्ज की गई है।
राज्य सरकार का कहना है कि घरेलू गैस केवल निर्धारित उपयोग के लिए ही हो, यह सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और जांच लगातार जारी है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य आम उपभोक्ताओं तक गैस की नियमित आपूर्ति बनाए रखना है।
इसी कड़ी में खाद्य विभाग द्वारा एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें गैस वितरण व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली को सरल बनाया जाए और मोबाइल, व्हॉट्सएप, आईवीआरएस व वेबसाइट के माध्यम से बुकिंग सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
इसके साथ ही लंबित बुकिंग को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि सभी जिलों में गैस की आपूर्ति बढ़ाई गई है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सरकार ने कमर्शियल एलपीजी वितरण के लिए भी नई प्राथमिकता व्यवस्था लागू की है। इसके तहत अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, सुरक्षा बलों के कैंप, जेल, हॉस्टल और रेलवे-एयरपोर्ट कैंटीन जैसी आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं अन्य संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए निर्धारित सीमा के भीतर आपूर्ति की जा रही है।
शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए खाद्य विभाग का कॉल सेंटर भी सक्रिय है, जहां उपभोक्ताओं की समस्याओं का शीघ्र निवारण किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इन कदमों से गैस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और आम लोगों को समय पर एलपीजी की सुविधा मिलती रहेगी।

