ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने पड़ोसी देशों से मांगी माफी, कहा—हमले तभी होंगे जब वहां से ईरान पर हमला किया जाएगा
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने शनिवार को पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए कहा कि ईरान का उद्देश्य क्षेत्रीय देशों को निशाना बनाना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान केवल उसी स्थिति में किसी पड़ोसी देश पर हमला करेगा, जब उसकी धरती से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की जाएगी।
राज्य टीवी पर प्रसारित अपने संबोधन में पेज़ेश्कियन ने कहा, “हाल के हमलों से प्रभावित पड़ोसी देशों से मैं माफी मांगता हूं।” उन्होंने बताया कि ईरान ने एक नई नीति अपनाई है, जिसके तहत बिना किसी उकसावे के क्षेत्रीय देशों पर मिसाइल या सैन्य हमला नहीं किया जाएगा।
राष्ट्रपति के अनुसार यह नीति ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद द्वारा मंजूर की गई है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में तनाव को और अधिक बढ़ने से रोकना और पड़ोसी देशों के साथ टकराव से बचना है।
पेज़ेश्कियन ने यह भी कहा कि ईरान को अपने पड़ोसी देशों से कोई दुश्मनी नहीं है और तेहरान क्षेत्रीय सरकारों के साथ टकराव नहीं चाहता। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि ईरान दबाव के आगे झुकेगा नहीं। उन्होंने कहा कि “ईरानी जनता के आत्मसमर्पण की उम्मीद रखने वाले अपने इरादों को कभी पूरा नहीं कर पाएंगे।”
मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव
पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने हाल ही में कई स्थानों पर मिसाइल हमले किए हैं। इन हमलों का संबंध उस घटना से जोड़ा जा रहा है, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी।
बताया गया कि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के कई शहरों, जिनमें राजधानी तेहरान भी शामिल है, पर समन्वित हवाई हमले किए थे। यह कार्रवाई परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत के ठप होने के बाद की गई थी। इस सैन्य अभियान को “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया गया था।
इन हमलों के दौरान तेहरान स्थित उनके परिसर में खामेनेई की मौत हो गई थी। हमले में उनकी बेटी, दामाद और पोती के भी मारे जाने की खबर सामने आई थी। बाद में उनकी पत्नी मनसूरा खोज़स्तेह बाघेरजादेह की भी घायल होने के बाद मौत हो गई।
इस घटनाक्रम के बाद से पूरे मध्य पूर्व में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं और कई देशों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है।

