सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में 50 करोड़ के प्रावधान को मंजूरी, 543 विकास कार्य स्वीकृत
रायपुर, 17 फरवरी 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कोरिया जिले के बैकुंठपुर में आयोजित सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में सरगुजा संभाग के विभिन्न जिलों में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर नई योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्राधिकरण के माध्यम से वनांचल और पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और क्षेत्र की समृद्धि के लिए सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को मंजूरी दी गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर 543 विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन दिया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। लंबित कार्यों को मार्च तक पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और गर्मी के मौसम में पर्याप्त पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड में विद्युतीकरण कार्य तेजी से प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनजातीय और वनांचल क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचे, इसके लिए कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में हाईमास्ट सोलर लाइट स्थापित करने, किसानों की समस्याओं के समाधान, बिजली बिलों में त्रुटियों को दूर करने और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की पिछली बैठक जशपुर जिले के मयाली में आयोजित हुई थी, जिसके बाद वहां पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिला। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में विश्व के बड़े शिवलिंग को स्थान मिला तथा स्वदेश दर्शन योजना के तहत राशि स्वीकृत हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैकुंठपुर में आयोजित इस बैठक से भी जिले की पहचान और पर्यटन संभावनाओं को बल मिलेगा। झुमका जलाशय सहित क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, और विभिन्न जिलों में बैठकें आयोजित करने से स्थानीय विकास को नई गति मिलती है।
बैठक में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, सांसद चिंतामणि महाराज, विधायकगण, वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
