आदि लोकोत्सव भारत की आदिम सांस्कृतिक चेतना का जीवंत उत्सव: गोवा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर, 9 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज गोवा के आदर्श ग्राम अमोन, पोंगुइनिम में आयोजित आदि लोकोत्सव–2025 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकोत्सव को संबोधित करते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में गोवा के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. रमेश तावड़कर भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने आदि लोकोत्सव के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह उत्सव देश की आदिम संस्कृति से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम है, जो भारत की लोक-सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत गांवों का देश है और गांव हमारी आत्मा हैं। लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक वाद्ययंत्र और परंपराएं ही देश की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत बनाए रखती हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गोवा सरकार पिछले 25 वर्षों से इस सांस्कृतिक चेतना को संरक्षित करने का कार्य कर रही है, जो सराहनीय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में आदि लोकोत्सव और अधिक व्यापक तथा भव्य स्वरूप ग्रहण करेगा।
उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि जनजातीय इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। बिरसा मुंडा ने मात्र 25 वर्ष की आयु में अंग्रेजों को चुनौती दी और अपने साहस से इतिहास रच दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज के अनेक महापुरुषों को लंबे समय तक इतिहास में उचित स्थान नहीं मिला, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय सेनानियों को सम्मान और पहचान दिलाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती के बलिदान का स्मरण करते हुए कहा कि वे जनजातीय समाज की महान वीरांगना थीं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मध्यप्रदेश के जबलपुर में निर्मित भव्य संग्रहालय उनके शौर्य और बलिदान की स्थायी स्मृति है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय सेनानियों के योगदान को विशेष रूप से याद करते हुए कहा कि राज्य में लगभग 32 प्रतिशत जनजातीय आबादी निवास करती है और यहां के 14 जनजातीय महापुरुषों ने देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान दिया। उन्होंने वीर नारायण सिंह, गुण्डाधुर और गेंद सिंह जैसे सेनानियों के संघर्ष को स्मरण किया। वीर नारायण सिंह को अंग्रेजों ने रायपुर के जय स्तंभ चौक में फांसी दी थी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन जनजातीय नायकों की स्मृति को संरक्षित करने के उद्देश्य से नवा रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय का निर्माण किया गया है। यह देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जिसका उद्घाटन छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया। उन्होंने आदि लोकोत्सव में उपस्थित सभी लोगों को छत्तीसगढ़ आकर इस संग्रहालय को देखने का आमंत्रण दिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनजातीय समाज के लिए यह गर्व का विषय है कि आज देश के सर्वोच्च पद पर भी जनजातीय समाज की बेटी राष्ट्रपति के रूप में आसीन हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में आदिवासी समाज का मुख्यमंत्री बनना प्रधानमंत्री मोदी की समावेशी सोच का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समाज के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदानों का स्मरण करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन हुआ, जिससे आज करोड़ों जनजातीय नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान पहले नक्सल प्रभावित राज्य के रूप में होती थी, लेकिन अब स्थिति तेजी से बदल रही है। नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और राज्य शांति, विकास और निवेश के नए युग में प्रवेश कर चुका है। नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जो छत्तीसगढ़ के आर्थिक भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं।
