संत रविदास का जीवन-संदेश और समरस भारत की दिशा
संत रविदास के 650वें प्राकट्य वर्ष के संदर्भ में यह आलेख उनके समता, श्रमसम्मान और सामाजिक समरसता के संदेश को रेखांकित करता है तथा समरस समाज निर्माण की दिशा में प्रेरणा देता है।
Read Moreसंत रविदास के 650वें प्राकट्य वर्ष के संदर्भ में यह आलेख उनके समता, श्रमसम्मान और सामाजिक समरसता के संदेश को रेखांकित करता है तथा समरस समाज निर्माण की दिशा में प्रेरणा देता है।
Read Moreसामाजिक समरसता, एकात्मता और राष्ट्र निर्माण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका पर केंद्रित यह आलेख संघ के विचार, इतिहास और वर्तमान प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।
Read Moreराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा, उसके सामाजिक योगदान, हिंदुत्व जागरण और “पंच परिवर्तन” कार्यक्रम के माध्यम से समाज निर्माण की दिशा पर विस्तृत दृष्टि।
Read Moreधुलेंडी पर्व के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर आधारित यह शोधपरक आलेख बताता है कि किस प्रकार रंगों का यह उत्सव मनुष्य को अहंकार से अनुराग, विभाजन से समरसता और बाह्य उत्सव से आंतरिक शुद्धि की ओर ले जा
Read Moreमुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर के सतनाम भवन से विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना किया। 18 से 22 फरवरी तक सामाजिक समरसता के संदेश के साथ यात्रा आयोजित।
Read Moreभाटापारा क्षेत्र के ग्राम तुरमा में निषाद समाज द्वारा निषाद राज गुह जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। शोभायात्रा, अखंड रामायण और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए आयोजित।
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