आध्यात्मिक साधना

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आत्मस्वरूप के साक्षात्कार समय चातुर्मास

बरसात केवल जलवर्षा नहीं, आत्मा के आभासी आवरणों को उतारने और परमात्मा के साक्षात्कार का माध्यम है। यह निबंध चातुर्मास, साधना, उपनिषदों के सूत्र और संत कवियों की वाणी के साथ एक आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।

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माँ दुर्गा के नौ स्वरूप और उनका आध्यात्मिक महत्व

चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हिन्दू नववर्ष या नव संवत्सर का आरंभ होता है ।जिसे भारत के विभिन्न राज्यों में जैसे महाराष्ट्र में गुड़ीपड़वा, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, और कर्नाटक में उगादि, जम्मू कश्मीर में नवरेह तथा मणिपुर में साजिबु नोंगमा पंबा के नाम से जाना जाता है।

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