पुस्तक समीक्षा

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शिलालेखों और मंदिरों के माध्यम से बारसूर के इतिहास की पुनर्स्मृति : पुस्तक चर्चा

“बस्तर विरासत – बारसूर : चक्रकोट की राजधानी” पुस्तक की समीक्षा, जिसमें बस्तर के प्राचीन इतिहास, मंदिर स्थापत्य, शिलालेखों, छिंदक नागवंश तथा सांस्कृतिक धरोहर का तथ्यात्मक परिचय प्रस्तुत किया गया है।

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जनरल बोगी : आम इंसानों की रेल यात्रा का आँखों देखा हाल

‘जनरल बोगी: ए ट्रेवल लव स्टोरी’ उपन्यास की समीक्षा में भारतीय रेल की जनरल बोगी की वास्तविक कठिनाइयों, यात्रियों के अनुभवों, राजस्थान यात्रा, इतिहास और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया गया है।

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रूपनारायण वर्मा ‘वेणु’ का खंड-काव्य ‘श्रुतकीर्ति’: एक उपेक्षित नायिका का संवेदनशील साहित्यिक पुनर्स्मरण रविवारीय विशेष

वरिष्ठ साहित्यकार रूपनारायण वर्मा ‘वेणु’ के खंड-काव्य ‘श्रुतकीर्ति’ पर आधारित यह आलेख कृति की विशेषताओं, संरचना और साहित्यिक महत्व को रेखांकित करता है।

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द्वेष-धर्म के विरुद्ध प्रेम-धर्म का कालजयी घोष हिन्द स्वराज : पुस्तक चर्चा

महात्मा गांधी की 117 वर्ष पुरानी पुस्तक ‘हिन्द स्वराज’ आज भी प्रेम, अहिंसा और आत्मबल का संदेश देती है। गणतंत्र-पूर्व भारत की वैचारिक यात्रा, ब्रिटिश शासन की आलोचना और समाज के लिए गांधी के दूरदर्शी विचारों को समझने हेतु यह लेख ‘हिन्द स्वराज’ तथा उसके पहले छत्तीसगढ़ी अनुवाद की ऐतिहासिक और वैचारिक महत्ता को रेखांकित करता है।

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जीवन के अर्थ ढूँढती कविता : पुस्तक-चर्चा दिलवालों का देश कहाँ?

छत्तीसगढ़ के चर्चित कवि स्वराज्य करुण के कविता-संग्रह दिलवालों का देश कहाँ पर आधारित यह आलेख करुणा, संवेदना, मानवता, राष्ट्रबोध, सामाजिक यथार्थ और जीवन-दर्शन की गहन पड़ताल करता है।

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‘छत्तीसगढ़ मित्र’ से राज्य में अंकुरित हुआ पत्रकारिता का पौधा आज विशाल वृक्ष

छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता का इतिहास 125 वर्षों से अधिक पुराना है, जिसकी नींव वर्ष 1900 में पंडित माधवराव सप्रे द्वारा पेंड्रा से प्रकाशित ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ ने रखी। यह वही बीज था, जो आज एक विशाल पत्रकारिता-वृक्ष के रूप में विकसित हो चुका है।

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