साहित्य

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देश की असली छवि वहाँ के साहित्य में देखिए -डॉ. चित्तरंजन कर, कविता -संग्रह ‘दिलवालों का देश कहाँ’ विमोचित

पिथौरा में आयोजित समारोह में स्वराज्य करुण के कविता-संग्रह दिलवालों का देश कहाँ का विमोचन हुआ, साहित्यकारों ने कविता को समाज की संवेदना बताया।

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हिन्दी नवजागरण के शिल्पकार भारतेन्दु हरिश्चन्द्र

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का जीवन, हिन्दी नवजागरण में उनका योगदान, नाटक, कविता, पत्रकारिता और “भारतेन्दु युग” की ऐतिहासिक भूमिका पर आधारित विस्तृत आलेख।

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पंडित लोचन प्रसाद पाण्डेय : जिन्होंने 120 साल पहले लिखा था पहला छत्तीसगढ़ी नाटक

छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रथम नाटककार पंडित लोचन प्रसाद पाण्डेय का जीवन, साहित्यिक योगदान, इतिहास व पुरातत्व में उनकी भूमिका और छत्तीसगढ़ी साहित्य में उनका स्थान।

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नववर्ष 2026 और छत्तीसगढ़ की तीन विलक्षण विभूतियाँ

नववर्ष 2026 के पहले दिन साहित्यकार नारायण लाल परमार, संत कवि पवन दीवान और वरिष्ठ पत्रकार चन्दूलाल चन्द्राकर की जीवन-यात्रा को स्मरण करता विशेष आलेख।

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एक अमर स्वर स्वतंत्रता की धुन में : सुब्रमण्या भारती

महाकवि सुभ्रमण्या भारती: तमिल साहित्य के नवजागरणकर्ता, स्वतंत्रता सेनानी और स्त्री सशक्तिकरण के प्रणेता। उनकी राष्ट्रभक्ति कविताएँ आज भी प्रेरणा स्रोत हैं।

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futuredपुस्तक समीक्षा

‘छत्तीसगढ़ मित्र’ से राज्य में अंकुरित हुआ पत्रकारिता का पौधा आज विशाल वृक्ष

छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता का इतिहास 125 वर्षों से अधिक पुराना है, जिसकी नींव वर्ष 1900 में पंडित माधवराव सप्रे द्वारा पेंड्रा से प्रकाशित ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ ने रखी। यह वही बीज था, जो आज एक विशाल पत्रकारिता-वृक्ष के रूप में विकसित हो चुका है।

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