साहित्य

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साहित्यकार बसंत राघव को बिलासा साहित्य सम्मान

बिलासपुर में आयोजित 36वें बिलासा महोत्सव के समापन समारोह में लोक संस्कृति, साहित्य और सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।

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futuredपुस्तक समीक्षा

रूपनारायण वर्मा ‘वेणु’ का खंड-काव्य ‘श्रुतकीर्ति’: एक उपेक्षित नायिका का संवेदनशील साहित्यिक पुनर्स्मरण रविवारीय विशेष

वरिष्ठ साहित्यकार रूपनारायण वर्मा ‘वेणु’ के खंड-काव्य ‘श्रुतकीर्ति’ पर आधारित यह आलेख कृति की विशेषताओं, संरचना और साहित्यिक महत्व को रेखांकित करता है।

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संत कवि पवन दीवान ने क्यों लिया था खुले बदन संन्यासी रहने का संकल्प? पुण्यतिथि विशेष

छत्तीसगढ़ के संत कवि पवन दीवान की दसवीं पुण्यतिथि पर उनके संन्यासी जीवन, सामाजिक संवेदनाओं, राज्य निर्माण आंदोलन और जनकवि रूप की प्रेरक यात्रा का स्मरण।

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हो सके तो…इतना ज़रूर करना

मानवता, शांति और युद्ध विरोध की भावना को व्यक्त करती स्वराज्य करुण की संवेदनशील कविता, जो परमाणु हथियारों और विनाशकारी युद्धों से मुक्त विश्व की कल्पना करती है।

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वरिष्ठ छत्तीसगढ़ी साहित्यकार और पत्रकार सुशील भोले पंचतत्व में विलीन, साहित्य जगत शोकाकुल

छत्तीसगढ़ी भाषा के वरिष्ठ साहित्यकार और पत्रकार सुशील भोले का 26 फरवरी को रायपुर में निधन हो गया। 27 फरवरी को मारवाड़ी श्मशान घाट में अंतिम संस्कार हुआ। साहित्य और पत्रकारिता जगत ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि।

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बुंदेलखंड की मिट्टी से उठी एक अमर साहित्यिक ज्योति डॉक्टर वृंदावनलाल वर्मा

डॉक्टर वृंदावनलाल वर्मा को आज जब हम उन्हें याद करते हैं तो यह अनुभव होता है कि वे कहीं गए नहीं हैं। वे अपने उपन्यासों के पन्नों में, बुंदेलखंड की धूल में और हर उस हृदय में जीवित हैं जो अपने अतीत पर गर्व करता है और भविष्य के लिए आशा रखता है। उनकी कलम की स्याही सूखी नहीं है, वह आज भी हमारी चेतना में बह रही है। 

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