साहित्य

futuredसाहित्य

सिद्धांतनिष्ठ पत्रकारिता का स्वर्णिम अध्याय गुरुदेव काश्यप चौबे

गुरुदेव काश्यप चौबे के जीवन, पत्रकारिता और साहित्यिक योगदान पर विस्तृत आलेख। सिद्धांतनिष्ठ संपादक के रूप में उनका संघर्ष, व्यक्तित्व और विरासत।

Read More
futuredसाहित्य

आखिरी सांस तक दौड़नेवाली आजाद कलम : राजेश शर्मा

विगत बीस वर्षों से निष्पक्ष और निर्भीक ख़बर परोसने वाली एक आज़ाद कलम सहसा हमेशा के लिए चुप हो गई। फेसबुक पर महासमुंद के युवा विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा की पोस्ट ने चौंका दिया। एकाएक विश्वास नहीं हुआ, क्योंकि वह कलम बार-बार मौत से आँख-मिचौली खेलते हुए उसे मात देती रही थी। हर बार मौत पराजित हुई थी।

Read More
futuredपुस्तक समीक्षा

द्वेष-धर्म के विरुद्ध प्रेम-धर्म का कालजयी घोष हिन्द स्वराज : पुस्तक चर्चा

महात्मा गांधी की 117 वर्ष पुरानी पुस्तक ‘हिन्द स्वराज’ आज भी प्रेम, अहिंसा और आत्मबल का संदेश देती है। गणतंत्र-पूर्व भारत की वैचारिक यात्रा, ब्रिटिश शासन की आलोचना और समाज के लिए गांधी के दूरदर्शी विचारों को समझने हेतु यह लेख ‘हिन्द स्वराज’ तथा उसके पहले छत्तीसगढ़ी अनुवाद की ऐतिहासिक और वैचारिक महत्ता को रेखांकित करता है।

Read More
futuredधर्म-अध्यात्मसाहित्य

कालिदास से निराला तक साहित्य में बसंत पंचमी की यात्रा

बसंत पंचमी भारतीय साहित्य में केवल एक पर्व नहीं, बल्कि जीवन, प्रेम, भक्ति और ज्ञान का सांस्कृतिक उत्सव है।भारतीय काव्य परंपरा में बसंत की भूमिका को समझने का एक समृद्ध प्रयास।

Read More
futuredपुस्तक समीक्षासाहित्य

जीवन के अर्थ ढूँढती कविता : पुस्तक-चर्चा दिलवालों का देश कहाँ?

छत्तीसगढ़ के चर्चित कवि स्वराज्य करुण के कविता-संग्रह दिलवालों का देश कहाँ पर आधारित यह आलेख करुणा, संवेदना, मानवता, राष्ट्रबोध, सामाजिक यथार्थ और जीवन-दर्शन की गहन पड़ताल करता है।

Read More
futuredसाहित्य

देश की असली छवि वहाँ के साहित्य में देखिए -डॉ. चित्तरंजन कर, कविता -संग्रह ‘दिलवालों का देश कहाँ’ विमोचित

पिथौरा में आयोजित समारोह में स्वराज्य करुण के कविता-संग्रह दिलवालों का देश कहाँ का विमोचन हुआ, साहित्यकारों ने कविता को समाज की संवेदना बताया।

Read More