साहित्य

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बागबाहरा की बारिश भरी शाम में देर तक गूँजती रहीं ग़ज़लें

बागबाहरा में साहित्य संदेस और लोक कलाकार संरक्षण समिति द्वारा आयोजित ‘ग़ज़लों की गूँज’ में महासमुंद जिले के शायरों ने सामाजिक सरोकारों, मानवीय संवेदनाओं और वर्तमान समय की विसंगतियों को अपनी ग़ज़लों में स्वर दिया।

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futuredपुस्तक समीक्षा

संघ की सौ वर्ष की यात्रा, आवश्यकता और लक्ष्य को उकेरती महत्त्वपूर्ण कृति

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर प्रकाशित पुस्तक 100 वर्ष की संघ यात्रा : नए क्षितिज का परिचय। इसमें संघ की स्थापना, विचारधारा, पंच परिवर्तन, सामाजिक समरसता और भविष्य के लक्ष्य का विस्तृत विवेचन किया गया है।

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जमीनी साहित्यकार थे बाबा नागार्जुन : आज उनकी जयंती

बाबा नागार्जुन की जयंती पर उनके जीवन, साहित्य-साधना, जनपक्षधर लेखन, प्रसिद्ध कविताओं, उपन्यासों तथा साहित्य अकादमी सम्मान सहित उनके बहुआयामी व्यक्तित्व पर आधारित विशेष आलेख।

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futuredपुस्तक समीक्षा

तीन पीढ़ियों की कविताओं का जीवंत कोलाज : ‘पूरी रंगत के साथ’

छत्तीसगढ़ के 38 कवियों की प्रतिनिधि रचनाओं से सुसज्जित साझा कविता संकलन ‘पूरी रंगत के साथ’ पर स्वराज्य करुण की पुस्तक समीक्षा। यह आलेख छत्तीसगढ़ की तीन साहित्यिक पीढ़ियों, उनके रचनात्मक योगदान तथा क्षेत्रीय साहित्यिक इतिहास की महत्वपूर्ण झलक प्रस्तुत करता है।

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पंडित माधवराव सप्रे जिन्होंने 126 वर्ष पहले छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता का पौधा लगाया

हिंदी पत्रकारिता और साहित्य के पुरोधा पंडित माधवराव सप्रे की जयंती पर विशेष आलेख। जानिए कैसे उन्होंने वर्ष 1900 में ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ की स्थापना कर छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता की नींव रखी, ‘हिंदी केसरी’ का प्रकाशन किया, लोकमान्य तिलक के ग्रंथों का हिंदी अनुवाद किया और राष्ट्रीय चेतना के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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छत्तीसगढ़ी लोकमन के कवि और हिन्दी कविता के सजग हस्ताक्षर लक्ष्मण मस्तुरिया

छत्तीसगढ़ी लोककवि और गायक लक्ष्मण मस्तुरिया की रचनात्मक यात्रा, उनकी लोकप्रिय छत्तीसगढ़ी एवं हिन्दी कविताएँ, सामाजिक सरोकार, जनचेतना और साहित्यिक योगदान पर आधारित विशेष लेख।

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