Author: News Editor

futuredविश्व वार्ता

स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ का योगदान : स्वतंत्रता दिवस विशेष

छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता आंदोलन का प्रारंभ 1800 के दशक के शुरुआती वर्षों में हुआ, जो राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम से काफी पहले की बात है। रतनपुर राज्य के 36 गढ़ों में से एक महत्वपूर्ण गढ़ धमधा में, जमींदार भवानी सिंह ने ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ विद्रोह किया। यह विद्रोह 1800 में हुआ, जब अंग्रेजों का प्रभुत्व धीरे-धीरे फैल रहा था। भवानी सिंह को उनके साहसिक विद्रोह के लिए फांसी दी गई, जिससे छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत हुई।

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futuredहमारे नायक

कहानी स्वतंत्रता से पूर्व 15 दिनों की

4 अगस्त आते – आते भगत सिंह के पैतृक गांव, पंजाब स्थित जरनवाला पर मुस्लिम नेशनल गार्ड के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया, जो कि वास्तव में एक हिंदू – सिख बहुल शहर था। इसी समय भारत और पाकिस्तान के मासूम और निर्दोष लोग अपनी जान बचाकर,  सीमा पार कर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे थे। अनेकों लोगों को अपना घर और परिवार गंवाकर शरणार्थी शिविर में रहना पड़ रहा था।

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futuredसाहित्य

वरिष्ठ साहित्यकार उमेश कुमार चौरसिया की नई कृति “इदं राष्ट्राय” का विमोचन

राजस्थान क्षेत्र शिक्षा समूह को बैठक के दौरान अखिल भारतीय साहित्य परिषद राजस्थान के क्षेत्रीय संयुक्त मंत्री वरिष्ठ साहित्यकार उमेश कुमार चौरसिया की नई कृति “इदं राष्ट्राय” का विमोचन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माननीय क्षेत्रीय प्रचारक श्रीयुत निम्बाराम जी के शुभ कर कमलों से हुआ।

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futuredसमाजहमारे नायक

डॉक्टरों और नर्सों की प्रेरणास्रोत फ्लोरेन्स नाइटेंगल

आधुनिक अस्पतालों में नर्सिंग यानी मरीज़ों की सेवा -सुश्रुषा को मानवता की सेवा का पर्याय बनाया फ्लोरेन्स नाइटिंगेल ने, जिनकी आज पुण्यतिथि है। उन्हें डॉक्टरों और नर्सों की प्रेरणास्रोत भी कहा जा सकता है।

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