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रायपुर में एलपीजी संकट के बीच छात्रों को राहत, अब मिलेगा 5 किलो का छोटा सिलेंडर

रायपुर जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर चल रही चिंताओं के बीच प्रशासन ने विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब जिले में रहने वाले छात्रों को उनकी जरूरत को ध्यान में रखते हुए 5 किलो का छोटा गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।

यह निर्णय कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर लिया गया। कलेक्टोरेट स्थित रेडक्रॉस हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने जिले के सभी एलपीजी वितरकों के साथ गैस आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्रों को यह छोटा सिलेंडर आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र के आधार पर गैस एजेंसियों द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि जिले में फिलहाल एलपीजी सिलेंडर का पर्याप्त भंडार मौजूद है और वितरण भी नियमानुसार किया जा रहा है।

अपर कलेक्टर राठौर ने वितरकों को सख्त निर्देश दिए कि वितरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति वितरण में बाधा डालता है, नियमों का उल्लंघन करता है या डिलीवरी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने पर तुरंत संबंधित अनुविभागीय अधिकारी और पुलिस को सूचित किया जाए। इसके अलावा, एम्स, मेकाहारा, वृद्धाश्रम, अनाथालय और समाज कल्याण विभाग से जुड़े अन्य संस्थानों में गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।

ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि वर्तमान व्यवस्था के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के बाद ही अगली गैस बुकिंग की जा सकेगी। फिलहाल नए गैस कनेक्शन और सिंगल-डबल कनेक्शन जारी करने पर रोक लगाई गई है।

इंडेन डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष और ऑल एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष विकास मरकाम ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, जिले में पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध है। उन्होंने लोगों से एजेंसी कार्यालयों में भीड़ या अव्यवस्था न फैलाने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।

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बैठक में खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा, खाद्य निरीक्षक और जिले के सभी एलपीजी वितरक मौजूद रहे।