सभी समाजों की भागीदारी से ही बनेगा विकसित छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए हर समाज का सहयोग जरूरी है। वे रायगढ़ के बाबा प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में आयोजित ‘उत्कल दिवस एवं वार्षिकोत्सव स्नेह सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और ‘वंदे उत्कल जननी’ के सामूहिक गायन के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वे यहां किसी अतिथि की तरह नहीं, बल्कि अपने परिवार के बीच आए हैं। उन्होंने रायगढ़ की जनता के साथ अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए कहा कि उन्हें वर्षों से यहां का स्नेह मिलता रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच ‘रोटी-बेटी’ का रिश्ता बेहद मजबूत है। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती इलाकों में बड़ी संख्या में लोग उड़िया भाषा का प्रयोग करते हैं और यहां की परंपराओं में भी ओडिशा की झलक साफ दिखाई देती है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कल समाज की पत्रिका ‘सुविधा’ का विमोचन किया और जगन्नाथ रथ यात्रा के आयोजन के लिए 5 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की।
अपने संबोधन में उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप चल रही योजनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में घरों का निर्माण पूरा हो चुका है। किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं से प्रदेश में आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘रामलला दर्शन योजना’ के माध्यम से हजारों श्रद्धालु अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं, वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी फिर से शुरू किया गया है ताकि आम लोगों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए सख्त कानून लागू किया गया है, जिसमें कड़ी सजा का प्रावधान है। साथ ही नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई में केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि अब बस्तर क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री साय ने रोजगार के अवसरों पर बात करते हुए बताया कि बीते दो वर्षों में हजारों पदों पर भर्ती की गई है और चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। प्रशासन में ई-ऑफिस प्रणाली लागू कर भ्रष्टाचार पर भी नियंत्रण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और वन उत्पादों के मूल्य संवर्धन के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। इसके अलावा बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026’ शुरू की गई है, जिससे लोगों को बकाया बिल चुकाने में सहूलियत मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान उत्कल समाज की आठ प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। अंत में मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।

